खंडवा। विश्व सिकल सेल दिवस के अवसर पर खंडवा जिले के ओंकारेश्वर में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने राष्ट्रीय सिकल सेल एनीमिया उन्मूलन मिशन-2047 के तहत मध्यप्रदेश द्वारा किए गए कार्यों की सराहना की। उन्होंने कहा कि वर्ष 2023 में मिशन शुरू करते समय जो बड़े लक्ष्य निर्धारित किए गए थे, उनमें से स्क्रीनिंग का लक्ष्य निर्धारित समय से पहले पूरा कर लिया गया है, जो एक बड़ी उपलब्धि है।
राष्ट्रपति मुर्मु ने कहा कि देशभर में नवजात शिशुओं से लेकर 40 वर्ष तक की आयु के लगभग 7 करोड़ लोगों की स्क्रीनिंग पूरी हो चुकी है, जबकि मध्यप्रदेश में सवा करोड़ से अधिक लोगों की जांच की जा चुकी है। यह दुनिया में आनुवंशिक रोगों की पहचान के लिए चलाए जा रहे सबसे बड़े अभियानों में से एक है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2023 में शहडोल से राष्ट्रीय सिकल सेल एनीमिया उन्मूलन मिशन की शुरुआत की थी। इस मिशन ने स्वास्थ्य, जनजातीय कल्याण, आनुवंशिक विज्ञान और डिजिटल मॉनिटरिंग को एक मंच पर लाकर एक नई मिसाल कायम की है।
जनजातीय क्षेत्रों पर विशेष फोकस
राष्ट्रपति ने बताया कि देश में सिकल सेल रोग का सबसे अधिक प्रभाव मध्य भारत के जनजातीय क्षेत्रों में देखा गया है। लाखों लोग इस बीमारी से प्रभावित थे, लेकिन उन्हें इसके बारे में जानकारी तक नहीं थी। इसी कारण सरकार ने जागरूकता, स्क्रीनिंग और उपचार को मिशन मोड में आगे बढ़ाया।
उन्होंने कहा कि अब तक करीब ढाई लाख सिकल सेल रोगियों और 20 लाख से अधिक वाहकों (कैरियर्स) की पहचान की जा चुकी है। इनकी समय पर पहचान भविष्य में बीमारी के प्रसार को रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
मध्यप्रदेश ने बनाया रिकॉर्ड
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि राज्यपाल मंगुभाई पटेल के मार्गदर्शन और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन के तहत मध्यप्रदेश ने सिकल सेल उन्मूलन मिशन में उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। प्रदेश में अब तक 1 करोड़ 32 लाख लोगों की स्क्रीनिंग की जा चुकी है।
उन्होंने बताया कि सरकार एक साथ चार मोर्चों पर काम कर रही है—स्क्रीनिंग, गर्भवती महिलाओं की पहचान, जेनेटिक काउंसलिंग और जनजागरूकता अभियान। प्रदेश में 3700 से अधिक “सिकल मित्र” लोगों को जागरूक करने का कार्य कर रहे हैं।
स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में चिकित्सा सुविधाओं का तेजी से विस्तार हुआ है। जहां पहले 55 वर्षों में केवल 5 मेडिकल कॉलेज थे, वहीं अब प्रदेश में मेडिकल कॉलेजों की संख्या बढ़कर 32 हो गई है। सरकार स्वास्थ्य और शिक्षा दोनों क्षेत्रों में लगातार निवेश कर रही है।
2026 तक 1.60 करोड़ स्क्रीनिंग का लक्ष्य
उपमुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ला ने कहा कि मध्यप्रदेश सिकल सेल स्क्रीनिंग में देश का अग्रणी राज्य बन चुका है। वर्ष 2026 के अंत तक 1 करोड़ 60 लाख लोगों की स्क्रीनिंग का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने बताया कि अब विवाह से पहले सिकल सेल कार्ड मिलान को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है ताकि भविष्य की पीढ़ियों को इस बीमारी से सुरक्षित रखा जा सके।
कार्यक्रम में राज्यपाल मंगुभाई पटेल, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहे। उत्कृष्ट कार्य करने वाली ग्राम पंचायतों और अधिकारियों को सम्मानित भी किया गया।

