इंदौर। जूनी इंदौर इलाके में एक स्थानीय विवाद ने बड़ा कानूनी रूप ले लिया है। अवैध पार्किंग से शुरू हुआ झगड़ा अब मारपीट, धमकी और घर में घुसकर डराने के आरोपों तक पहुंच गया है। पुलिस ने इस मामले में भाजपा से जुड़े एक नेता और उसके सहयोगी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है।
पार्किंग से बढ़ा मामला
जानकारी के मुताबिक, घटना की जड़ एक साधारण पार्किंग विवाद बताया जा रहा है। पीड़िता के अनुसार, उनके किराएदार द्वारा वाहन सड़क पर खड़ा करने को लेकर आरोपी से कहासुनी हुई थी। देखते ही देखते यह बहस हिंसक झड़प में बदल गई, जिसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर सामने आया।
वहीं पीड़िता ने शिकायत में कहा है कि- कुछ दिन बाद आरोपी अपने साथी के साथ उनके घर में घुस आया। वहां उन्होंने डराने-धमकाने के साथ वीडियो रिकॉर्डिंग भी की और पुलिस में शिकायत न करने का दबाव बनाया। महिला का आरोप है कि उनके साथ दुर्व्यवहार भी किया गया।
दोबारा पहुंचा आरोपी
बता दें मामला तब और गंभीर हो गया जब आरोपी दोबारा पीड़िता के घर पहुंचा और कथित रूप से थाने चलने के लिए दबाव बनाने लगा। विरोध करने पर उसने फिर से वीडियो बनाना शुरू किया और शिकायत करने पर परिणाम भुगतने की धमकी दी।
पुलिस कार्रवाई और राजनीतिक दबाव
शुरुआत में कार्रवाई में देरी के आरोप भी सामने आए हैं। स्थानीय स्तर पर राजनीतिक दबाव की चर्चाएं भी रहीं, लेकिन अंततः पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी। अधिकारियों का कहना है कि सभी पहलुओं की निष्पक्ष जांच की जाएगी।
सूत्रों के मुताबिक, मुख्य आरोपी सचिन जेसवानी बीजेपी मंडल वार्ड 65 के पूर्व अध्यक्ष रह चुके हैं। पार्टी के अंदर चल रही गुटबाजी को भी इस मामले से जोड़कर देखा जा रहा है। इससे पहले भी उसके खिलाफ शिकायतें सामने आ चुकी थीं।

