छिंदवाड़ा । ग्राम खापाभाट में कथित रूप से धर्मांतरण कराने की कोशिश की जा रही थी। पुलिस को सूचना मिली कि कुछ लोग “प्रार्थना सभा” के नाम पर लोगों को आर्थिक सहायता, इलाज, रोजगार और शिक्षा का लालच देकर धर्म बदलने की कोशिश कर रहे हैं। सूचना मिलते ही पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए तीन लोगों को हिरासत में लिया।
FIR और कानूनी कार्रवाई
पुलिस ने आरोपियों के ख़िलाफ़ मामला दर्ज किया है। उन्हें 2021 के मध्य प्रदेश धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम, 2021 के तहत धारा 3 व 5 के अन्तर्गत नामज़द किया गया है। जिसमें जबरदस्ती या प्रलोभन देकर धार्मिक आस्था बदलने को अपराध माना गया है। मामले पर आरोपियों के नाम सत्यक नारायण ठाकुर, राजेश दाढे और आराधना बावने बताए जा रहें है।
स्थानीय संगठनों का विरोध
घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय सामाजिक और धार्मिक संगठनों ने विरोध शुरू कर दिया है। उनका कहना है कि धर्म परिवर्तन पूरी तरह से स्वैच्छिक होना चाहिए। इसमें किसी भी प्रकार का दबाव, प्रलोभन या धमकी देना अवैध है। घटना से पहले से ही गांव में बाहरी लोगों की आवाजाही और संदिग्ध गतिविधियों को लेकर ग्रामीणों में असंतोष बना हुआ था। पुलिस ने शांति स्थापित करने के लिए अतिरिक्त बल तैनात कर दिया है।
बड़े पैमाने की जांच की जरूरत
विशेषज्ञों और सामाजिक संगठनों का कहना है कि यदि ऐसा मामला एक गांव में हुआ है तो, हो सकता है कि अन्य जगहों पर भी इसी तरह की गतिविधियाँ चल रही हों। पिछले कुछ समय से राज्य में धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम के तहत दर्ज पड़े मामलों में सिर्फ कुछ ही मामलों में दोष साबित हो पाए हैं। इसलिए प्रशासन और पुलिस से आग्रह है कि अब केवल गिरफ्तारी से काम न बने — बल्कि व्यापक और सतत निगरानी, समाज‑जागरूकता और शिक्षा के माध्यम से ऐसे प्रयासों को जड़ से खत्म करना चाहिए।


