चंडीगढ़: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के चंडीगढ़ स्थित कैंप ऑफिस में मंगलवार शाम CBI की टीम पहुंची। एजेंसी की टीमें मोहाली और संगरूर भी गईं। यह कार्रवाई पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के उस आदेश के बाद हुई है, जिसमें मुख्यमंत्री के ओएसडी राजबीर सिंह घुम्मन से जुड़े कथित भ्रष्टाचार मामले में एफआईआर दर्ज कर CBI जांच के निर्देश दिए गए हैं।
मामले में ट्रांसफर-पोस्टिंग, सरकारी टेंडर और प्रशासनिक फैसलों को कथित तौर पर प्रभावित करने के आरोप हैं। हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ पंजाब सरकार ने मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में अर्जेंट सुनवाई की मांग की, लेकिन कोर्ट ने तत्काल सुनवाई से इनकार कर दिया।
ED के आरोपों से शुरू हुआ विवाद
प्रवर्तन निदेशालय ने पंजाब के डीजीपी को पत्र भेजकर कथित भ्रष्टाचार और सरकारी कामकाज में हस्तक्षेप को लेकर एफआईआर दर्ज करने की मांग की थी। ED का दावा है कि उसकी जांच में अधिकारियों की पोस्टिंग और तबादलों, सरकारी टेंडर, लाइसेंस, नीतिगत फैसलों और जमीन के इस्तेमाल में बदलाव से जुड़े मामलों को प्रभावित करने की बात सामने आई।
जांच में नितिन गोहल, रियल एस्टेट कारोबारी अजय सहगल, सुरेश कुमार बजाज समेत कुछ अन्य लोगों के नाम सामने आने की बात कही गई है। ED ने आरोप लगाया कि कुछ लोग अधिकारियों की पोस्टिंग और प्रशासनिक फैसलों को प्रभावित करने में बिचौलियों की भूमिका निभा रहे थे।
टेंडर और पोस्टिंग को लेकर गंभीर आरोप
ED के मुताबिक, जांच के दौरान मिले चैट और अन्य डिजिटल सामग्री में अधिकारियों के तबादले और नियुक्तियों से संबंधित बातचीत का उल्लेख है। मार्कफेड के टेंडर, सरकारी मंजूरियों और लाइसेंस से जुड़े मामलों को प्रभावित करने के आरोप भी लगाए गए हैं।
एजेंसी ने मई 2026 में कुछ आरोपियों से जुड़े ठिकानों पर तलाशी की थी। ED के अनुसार, तलाशी में दस्तावेज और डिजिटल सामग्री मिली तथा करीब एक करोड़ रुपये नकद बरामद हुए। मोबाइल फोन से मिले वॉट्सऐप चैट और कॉल रिकॉर्ड को भी जांच का हिस्सा बनाया गया।
हाईकोर्ट के आदेश के बाद CBI जांच
ED की ओर से कई बार पत्र भेजे जाने के बावजूद FIR दर्ज नहीं होने पर मामला पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट पहुंचा। कोर्ट ने आरोपों की गंभीरता को देखते हुए पंजाब पुलिस को FIR दर्ज करने और CBI जांच का रास्ता साफ करने का आदेश दिया।
पंजाब सरकार ने इस आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का रुख किया। सरकार की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता विकास सिंह ने अर्जेंट सुनवाई की मांग की, लेकिन CJI सूर्यकांत ने तत्काल सुनवाई से इनकार कर दिया। कोर्ट ने कहा कि मामले को बुधवार को देखा जाएगा, अन्यथा अगले दिन सुनवाई की जाएगी।
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मान बोले- चुनाव के कारण BJP कर रही बदनाम
CBI कार्रवाई के बाद मुख्यमंत्री भगवंत मान ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनावी माहौल के बीच भाजपा उन्हें बदनाम करना चाहती है। मान ने कहा कि जनता से मिल रहे समर्थन से भाजपा घबरा गई है।
पंजाब में CBI की जांच को लेकर भी कानूनी स्थिति स्पष्ट है। राज्य सरकार ने 2020 में CBI की सामान्य सहमति वापस ले ली थी, लेकिन अदालत के आदेश पर CBI को जांच के लिए अलग से राज्य सरकार की अनुमति की जरूरत नहीं होती। इसी आधार पर हाईकोर्ट के निर्देश के बाद एजेंसी ने कार्रवाई शुरू की है।

