नई दिल्ली। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने आंदोलन जारी रखने का ऐलान किया है। पार्टी ने रविवार सुबह 10 बजे जंतर-मंतर पर प्रदर्शन का आह्वान किया है। सीजेपी के संगठन प्रभारी अजिंक्य शिंदे ने कहा कि जब तक मुख्य चुनाव आयुक्त इस्तीफा नहीं देते, पार्टी दिल्ली से वापस नहीं लौटेगी। प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली पुलिस अलर्ट पर है और राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।
सीजेपी नेताओं को एहतियातन हिरासत में लिया
दिल्ली पुलिस के सूत्रों के मुताबिक, सीजेपी नेता अभिजीत दिपके, आशुतोष रांका और सौरव दास को एहतियातन हिरासत में रखा गया है। उन्हें रविवार को दिल्ली कैंट पुलिस स्टेशन में कार्यकारी मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया जाएगा।
शनिवार को भी प्रदर्शनकारियों को जंतर-मंतर पहुंचने से रोकने के लिए पुलिस ने व्यापक स्तर पर कार्रवाई की थी। सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दिपके समेत तीन नेताओं को विमान से ही हिरासत में ले लिया गया। पुलिस ने सात हजार से अधिक प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेकर बसों और अन्य वाहनों से स्टेडियमों तथा अस्थायी हिरासत केंद्रों में पहुंचाया। देर रात सभी को रिहा कर दिया गया।
कई विपक्षी नेता भी हिरासत में लिए गए
शनिवार को आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल को उनके आवास से हिरासत में लिया गया। आप नेता संजय सिंह, सौरभ भारद्वाज और गोपाल राय भी पुलिस कार्रवाई की चपेट में आए।
तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी, डेरेक ओब्रायन, डोला सेन, केरल के मुख्यमंत्री पी. विजयन, त्रिपुरा के पूर्व मुख्यमंत्री माणिक सरकार और माकपा नेता वृंदा करात को केरल भवन के बाहर से हिरासत में लिया गया। अर्थशास्त्री ज्यां द्रेज और फिल्मकार अबान रजा को भी हिरासत में लिए जाने की जानकारी सामने आई।
सुरक्षा व्यवस्था के बीच प्रदर्शनकारियों से झड़प
राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी करने, बैरिकेडिंग और आवाजाही पर पाबंदियों के कारण प्रदर्शनकारी जंतर-मंतर तक नहीं पहुंच सके। विभिन्न सीमावर्ती इलाकों में वाहनों की जांच के चलते यातायात भी प्रभावित हुआ। इस दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प हुई। आरोप है कि पथराव में छह पुलिसकर्मी घायल हो गए।
इस बीच, कांग्रेस के नेतृत्व वाले विपक्षी गठबंधन इंडिया ने 12 अक्टूबर को बड़े प्रदर्शन का ऐलान किया है। ऐसे में आने वाले दिनों में चुनावी प्रक्रिया और मतदाता सूची को लेकर राजनीतिक टकराव और तेज होने के आसार हैं।
मतदाता सूची में गड़बड़ी का आरोप
सीजेपी मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे के साथ मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) का भी विरोध कर रही है। पार्टी का आरोप है कि मतदाता सूची में गड़बड़ियां हुई हैं और करीब 13 करोड़ मतों को हटाने या उनमें बदलाव किए जाने के आरोपों पर जवाबदेही तय होनी चाहिए।
पार्टी ने स्पष्ट किया है कि जब तक इन आरोपों पर जवाब नहीं मिलता, देशभर में विरोध प्रदर्शन जारी रहेंगे। सीजेपी ने अपने कार्यकर्ताओं और अन्य प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिए जाने की कार्रवाई का भी विरोध किया है।
यूएन की टिप्पणी पर भारत की कड़ी आपत्ति
प्रदर्शनकारियों की धरपकड़ पर संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार कार्यालय की चिंता के बाद भारत ने कड़ी आपत्ति जताई है। जिनेवा स्थित भारत के स्थायी मिशन ने संयुक्त राष्ट्र की टिप्पणी को खारिज करते हुए इसे भारत के आंतरिक मामलों में अनुचित और अवांछित हस्तक्षेप बताया।
संयुक्त राष्ट्र के प्रवक्ता थमीन अल-खीतान ने प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिए जाने पर चिंता जताई थी और सभी नेताओं की तत्काल रिहाई की अपील की थी। इस घटनाक्रम ने चुनावी प्रक्रिया को लेकर जारी राजनीतिक विवाद को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चर्चा में ला दिया है।

