नई दिल्ली: NEET पेपर लीक के विरोध में दिल्ली में हुए CJP प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा की जांच तेज हो गई है। दिल्ली पुलिस का कहना है कि प्रदर्शन में शामिल कुछ उपद्रवियों ने चेहरा ढककर हिंसा की। अब पुलिस CCTV फुटेज और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर उनकी पहचान में जुटी है।
2,873 संदिग्धों की पहचान का दावा
दिल्ली पुलिस के अनुसार, फेस रिकॉग्निशन सिस्टम (FRS) की मदद से हिंसा से जुड़े 2,873 संदिग्धों की पहचान की गई है। पुलिस ने मामले से जुड़ी कई तस्वीरें भी साझा की हैं और बताया कि अब फुटेज में दिखाई देने वाले मास्क पहने लोगों की गतिविधियों की विस्तृत जांच की जा रही है।
400 CCTV कैमरों की फुटेज खंगाल रही पुलिस
पुलिस का कहना है कि, करीब 400 CCTV कैमरों की फुटेज की जांच की जा रही है। इन फुटेज के जरिए चेहरा ढककर घूम रहे लोगों की गतिविधियों का क्रम (सीक्वेंस) तैयार किया जा रहा है, ताकि उनकी पहचान और भूमिका स्पष्ट की जा सके।
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जांच एजेंसियों के मुताबिक, कई वीडियो में कुछ लोग मास्क और सेफ्टी गॉगल्स पहनकर नजर आ रहे हैं। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि प्रदर्शन के दौरान गीले जूट के बैग जैसी वस्तुओं का इस्तेमाल किस उद्देश्य से किया गया।
पुलिसकर्मियों पर हमले के वीडियो सामने आए
दिल्ली पुलिस के अनुसार, कई वीडियो में पुलिसकर्मियों पर सीधे हमले होते दिखाई दे रहे हैं। कुछ फुटेज में घायल महिला पुलिसकर्मी को घटनास्थल से ले जाते हुए देखा जा सकता है, जबकि एक अन्य वीडियो में संसद मार्ग पर एक पुलिसकर्मी को घेरकर मारपीट करते हुए लोग दिखाई दे रहे हैं।
डिजिटल सबूत जुटाने में जुटी पुलिस
पुलिस का कहना है कि हिंसा में शामिल लोगों के खिलाफ डिजिटल साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। CCTV फुटेज, वीडियो रिकॉर्डिंग और अन्य इलेक्ट्रॉनिक सबूतों के आधार पर उपद्रवियों की पहचान कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल जांच जारी है और पुलिस प्रदर्शन में शामिल उपद्रवी तत्वों की भूमिका की पड़ताल कर रही है।

