मुंबई:महज 13-14 साल की उम्र में एक स्कूल गर्ल ने फिल्म साइन की। उस वक्त शायद उन्हें भी अंदाजा नहीं था कि कैमरे के सामने खड़े होने का यही फैसला उन्हें भारतीय सिनेमा की लंबे समय तक टिकने वाली अभिनेत्रियों में शामिल कर देगा।लेकिन उनका फिल्मी सफर आसान नहीं था। पहली फिल्म सफल नहीं हुई और साउथ इंडस्ट्री में नई भाषा और नए माहौल के बीच खुद को ढालना भी एक बड़ी चुनौती थी।
हीरोइन बदल दो
करियर के शुरुआती दौर में उन्हें एक ऐसा अनुभव भी झेलना पड़ा, जिसने उन्हें अंदर तक प्रभावित किया। एक सीन करने में असहजता जताने पर उन्हें फिल्म से रिप्लेस कर दिया गया। बताया जाता है कि सेट पर ही उनके सामने कहा गया—‘हीरोइन बदल दो।’
झटकों के बावजूद हार नहीं मानी
कम उम्र में मिले इन झटकों के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी। संघर्ष, मेहनत और अपने अभिनय के दम पर उन्होंने इंडस्ट्री में अपनी पहचान बनाई। आज उनकी कहानी उन कलाकारों की मिसाल है, जिन्होंने मुश्किलों के बावजूद अपने करियर में लंबा सफर तय किया।
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करियर की सबसे मुश्किल चीज थी- टिके रहना
दो दशक से ज्यादा लंबे करियर के बारे में जब तमन्ना से पूछा गया कि सबसे मुश्किल क्या रहा, तो उनका जवाब सीधा था- ‘स्टेइंग पुट’ यानी टिके रहना। किसी फिल्म का चलना मुश्किल नहीं, बल्कि हर उतार-चढ़ाव के बाद अगली सुबह फिर सेट पर पहुंचना मुश्किल होता है।
किसी अभिनेता को एक हिट मिल सकती है, लेकिन उसके बाद लगातार काम मिलना, खुद को दोहराने से बचना, असफलताओं से निकलना और दर्शकों के बीच अपनी जगह बनाए रखना कहीं ज्यादा कठिन है। तमन्ना के करियर में यही लगातार बने रहने की क्षमता सबसे बड़ा फैक्टर रही है।
उन्होंने यह भी माना कि हर दिन अच्छा नहीं होता। लेकिन अगर किसी कलाकार को लंबे समय तक इस इंडस्ट्री में रहना है तो उसे टिके रहना सीखना होगा। तमन्ना के लिए यह इसलिए संभव हुआ क्योंकि उन्हें अपने काम से प्यार है। एक्टिंग और परफॉर्म करने का जुनून उन्हें लगातार आगे बढ़ाता रहा।

