भोपाल: राजधानी भोपाल की शीतलदास की बगिया में पितृपक्ष के दौरान बड़ी संख्या में लोग तर्पण और पूजन के लिए पहुंच रहे हैं। इसी बीच घाट की साफ-सफाई को लेकर सवाल खड़े हुए हैं? सोशल मीडिया पर अभिनव बरोलीया माली ने तस्वीरें साझा करते हुए दावा किया कि श्रद्धालुओं को पूजन से पहले खुद ही घाट के आसपास सफाई करनी पड़ रही है।

तस्वीरों में पानी के किनारे बड़ी मात्रा में जलीय वनस्पति दिखाई दे रही है, जबकि घाट पर कई लोग धार्मिक अनुष्ठान करते नजर आ रहे हैं। हालांकि केवल तस्वीरों के आधार पर यह पुष्टि नहीं की जा सकती कि वहां सफाई की पूरी व्यवस्था किस स्तर पर थी या तस्वीरें ठीक किस समय की हैं।

पितृपक्ष में बड़ी संख्या में पहुंचते हैं श्रद्धालु
इस साल भोपाल में 26 सितंबर से पितृपक्ष से जुड़े धार्मिक अनुष्ठान शुरू हुए हैं। स्थानीय रिपोर्ट के मुताबिक, शीतलदास की बगिया में सामूहिक तर्पण की भी व्यवस्था है और पितृपक्ष को देखते हुए शहर के घाटों की साफ-सफाई किए जाने की बात कही गई थी।
ऐसे में सोशल मीडिया पर सामने आई तस्वीरों के बाद घाट की मौजूदा स्थिति और नगर निगम की तैयारियों को लेकर चर्चा शुरू हो गई है।
नगर निगम की व्यवस्था पर उठाए सवाल?
अभिनव बरोलीया माली ने अपनी पोस्ट में नगर निगम प्रशासन को लेकर नाराजगी जताई और सवाल किया कि जब पहले से पता था कि पितृपक्ष में लोग यहां बड़ी संख्या में पहुंचेंगे, तो घाट को पहले से साफ क्यों नहीं किया गया।
शीतलदास की बगिया भोपाल के प्रमुख धार्मिक घाटों में शामिल है। इससे पहले मई 2025 में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भी यहां जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत श्रमदान कर घाट की सफाई की थी।
फिलहाल सोशल मीडिया पोस्ट में लगाए गए आरोपों पर भोपाल नगर निगम की ओर से कोई प्रतिक्रिया उपलब्ध नहीं मिली है। निगम का पक्ष सामने आने पर ही मौजूदा सफाई व्यवस्था की स्थिति अधिक स्पष्ट हो सकेगी।

