आइची-नागोया: जापान में 16 दिनों तक चले एशियाई खेल 2026 का रविवार को भव्य समापन हो गया। आइची-नागोया में आयोजित समापन समारोह के साथ ही एशिया के सबसे बड़े खेल आयोजन का औपचारिक रूप से पर्दा गिर गया। समारोह में भारतीय दल की महिला ध्वजवाहक निशानेबाज नीरू ढांडा तिरंगा लेकर पहुंचीं। वह पूरे उत्साह के साथ तिरंगा लहराती नजर आईं।
दो स्वर्ण और एक रजत जीतने वाली नीरू बनीं ध्वजवाहक
नीरू ढांडा के लिए यह एशियाड बेहद यादगार रहा। उन्होंने निशानेबाजी में दो स्वर्ण और एक रजत पदक जीते। उनका तीसरा पदक किनान चेनाई के साथ ट्रैप मिश्रित टीम स्पर्धा में आया, जहां दोनों ने स्वर्ण पदक अपने नाम किया। इसके बाद नीरू भारत लौट गई थीं, लेकिन समापन समारोह के लिए शनिवार सुबह दोबारा नागोया पहुंचीं।
ध्वजवाहकों के बाद विभिन्न देशों के खिलाड़ी स्टेडियम में पहुंचे। भारतीय दल भी मुख्य मंच पर नीरू ढांडा के साथ शामिल हुआ। हालांकि, कई भारतीय खिलाड़ी पहले ही स्वदेश लौट चुके थे।
21 स्वर्ण समेत 85 पदक, भारत चौथे स्थान पर
भारत ने एशियन गेम्स 2026 का अभियान 21 स्वर्ण, 27 रजत और 37 कांस्य समेत कुल 85 पदकों के साथ चौथे स्थान पर समाप्त किया। पुरुष हॉकी टीम ने फाइनल में मलयेशिया को 5-1 से हराकर भारत को 21वां स्वर्ण दिलाया।
भारत ने लगातार एक और एशियाई खेलों में शीर्ष पांच में जगह बनाई, लेकिन उसका प्रदर्शन 2022 के हांगझोउ एशियाड से कमजोर रहा। हांगझोउ में भारत ने रिकॉर्ड 106 पदक, जिनमें 28 स्वर्ण शामिल थे, जीते थे। इस बार भारत के कुल पदक 21 और स्वर्ण पदक सात कम रहे।
आखिरी दो दिनों में बदली भारत की तस्वीर
भारतीय अभियान की शुरुआत अपेक्षाकृत धीमी रही। गुरुवार तक भारत के खाते में सिर्फ 10 स्वर्ण पदक थे और टीम शीर्ष-10 से बाहर थी। इसके बाद अंतिम दो दिनों में भारतीय खिलाड़ियों ने जोरदार वापसी की।
हॉकी और क्रिकेट में स्वर्ण पदक के साथ तीरंदाजी, मुक्केबाजी और कुश्ती में भी भारत ने पदक जीते। आखिरी दो दिनों में भारत ने 11 स्वर्ण पदक अपने नाम किए और इसी शानदार वापसी के दम पर पदक तालिका में चौथा स्थान हासिल किया।
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दोहा को मिली 2030 एशियन गेम्स की मेजबानी
समापन समारोह में अगले एशियाई खेलों के मेजबान को भी आधिकारिक तौर पर कमान सौंपी गई। 2030 एशियन गेम्स दोहा, कतर में होंगे। समारोह के दौरान कतर के प्रधानमंत्री मोहम्मद बिन अब्दुल रहमान बिन जसीम अल थानी को एशियाई खेलों का झंडा और मशाल सौंपी गई। इसके साथ ही कतर का राष्ट्रीय ध्वज फहराया गया।
आइची-नागोया में अंतिम जश्न के साथ 2026 एशियन गेम्स का समापन हो गया। अब एशिया के खेल प्रेमियों की नजरें 2030 में होने वाले दोहा एशियन गेम्स पर होंगी।

