भोपाल: दिल्ली में छात्र आंदोलन के दौरान छात्राओं के साथ कथित हिंसा और अभद्र व्यवहार के आरोपों को लेकर मध्यप्रदेश कांग्रेस ने केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस पर तीखा हमला बोला है। प्रदेश कांग्रेस की वरिष्ठ नेता शोभा ओझा ने शुक्रवार को भोपाल स्थित प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता में आरोप लगाया कि प्रदर्शन के दौरान छात्राओं के साथ अमानवीय व्यवहार किया गया, जिसने पूरे देश को शर्मसार किया है।
शोभा ओझा ने कहा कि नीट परीक्षा से जुड़े विवादों और छात्रों की नाराजगी के बीच जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने आवश्यकता से अधिक बल प्रयोग किया। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्राओं के साथ कथित छेड़छाड़, अभद्रता और हिंसा की घटनाएं सामने आई हैं, जिनकी निष्पक्ष जांच कर दोषी पुलिसकर्मियों को तत्काल बर्खास्त कर उनके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए।
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कांग्रेस नेता ने कहा कि यदि महिलाओं के सम्मान और सुरक्षा के दावों को सरकार गंभीरता से लेती है, तो इस मामले में दोषियों को बचाने के बजाय उनके खिलाफ उदाहरण प्रस्तुत करने वाली कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो और तस्वीरों ने देशभर में आक्रोश पैदा किया है और पूरे घटनाक्रम की स्वतंत्र जांच कराई जानी चाहिए।
पत्रकार वार्ता के दौरान शोभा ओझा ने भाजपा पर महिलाओं की सुरक्षा के मुद्दे पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ और ‘नारी सम्मान’ जैसे नारे देती है, लेकिन जब छात्राएं अपने अधिकारों की मांग को लेकर सड़क पर उतरती हैं तो उनके साथ कथित तौर पर हिंसात्मक व्यवहार होता है।
उन्होंने मध्यप्रदेश में महिलाओं के खिलाफ अपराधों का मुद्दा भी उठाया और कहा कि राज्य में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। साथ ही उन्होंने प्रदेश सरकार से मंत्री विजय शाह को लेकर भी सवाल उठाते हुए कार्रवाई की मांग दोहराई।
प्रदेश कांग्रेस ने मांग की कि छात्र आंदोलन के दौरान कथित हिंसा और छात्राओं के साथ अभद्र व्यवहार की निष्पक्ष जांच कराई जाए, दोषी पुलिसकर्मियों की पहचान सार्वजनिक की जाए, उन्हें तत्काल सेवा से बर्खास्त किया जाए तथा उनके विरुद्ध कठोर दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। कांग्रेस ने यह भी कहा कि छात्रों की मांगों पर केंद्र सरकार संवेदनशीलता के साथ निर्णय ले।

