भोपाल। मध्य प्रदेश में समान नागरिक संहिता (UCC) के खिलाफ विरोध अभियान की तैयारी शुरू हो गई है। कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने सोमवार को कहा कि 16 से 20 अगस्त तक प्रदेश के सभी जिलों में अभियान चलाया जाएगा। इस दौरान राष्ट्रपति और राज्यपाल के नाम कलेक्टरों को ज्ञापन सौंपे जाएंगे। अभियान में महिलाओं, युवाओं और युवतियों की भागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा।
भोपाल में आरिफ मसूद, इंदौर से आए मुफ्ती जुनैद और भोपाल के मौलाना माज ने संयुक्त पत्रकार वार्ता कर UCC को लेकर सरकार पर निशाना साधा। मसूद ने कहा कि कानून का प्रभाव केवल मुस्लिम समुदाय तक सीमित नहीं रहेगा। उनके मुताबिक, भविष्य में दूसरे समुदायों के अधिकार भी प्रभावित हो सकते हैं।
अनुच्छेद 25 का हवाला देकर जताई चिंता
आरिफ मसूद ने कहा कि संविधान का अनुच्छेद 25 प्रत्येक नागरिक को अपने धर्म का पालन करने की स्वतंत्रता देता है। उनका दावा है कि नए कानून से इन संवैधानिक अधिकारों पर असर पड़ने की आशंका है।
उन्होंने कहा कि यदि आज इसका असर मुसलमानों पर दिखाई दे रहा है तो भविष्य में दूसरे समुदाय भी इसके दायरे में आ सकते हैं। मसूद के मुताबिक, उन्होंने विधानसभा में संशोधन प्रस्ताव के जरिए UCC को प्रवर समिति के पास भेजने की मांग की थी, ताकि कानून के विभिन्न पहलुओं पर विस्तृत चर्चा हो सके, लेकिन सरकार ने उनकी मांग स्वीकार नहीं की।
20 अगस्त तक जिलों में सौंपे जाएंगे ज्ञापन
अभियान के पहले चरण में 16 से 20 अगस्त तक प्रदेश के सभी जिलों में राष्ट्रपति और राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपे जाएंगे। प्रत्येक जिले में सीमित संख्या में प्रतिनिधिमंडल कलेक्टर से मुलाकात करेगा। इसमें महिलाओं, युवतियों और युवाओं की संख्या अधिक रखने की योजना है।
इसके बाद अभियान के दूसरे चरण में अलग-अलग जिलों में जन-संवाद केंद्र बनाए जाएंगे। इन केंद्रों पर अन्य समुदायों और सामाजिक वर्गों के प्रतिनिधियों को बुलाकर UCC से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की जाएगी।
UCC के खिलाफ कानूनी लड़ाई की तैयारी
आरिफ मसूद ने कहा कि कानून के खिलाफ न्यायालय में जाने के लिए वकीलों की टीम तैयार है। उन्होंने कहा कि कानूनी लड़ाई किसी एक संगठन के बैनर तले नहीं लड़ी जाएगी। ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड, जमीयत उलेमा-ए-हिंद समेत विभिन्न सामाजिक और धार्मिक संगठनों को साथ लेकर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
वंचित वर्गों के लिए बनेगा नया मंच
मुफ्ती जुनैद ने कहा कि UCC के साथ बेरोजगारी, OBC आरक्षण, आदिवासी मुद्दे और महिलाओं की सुरक्षा जैसे विषयों पर भी सरकार का ध्यान जाना चाहिए। उन्होंने प्रदेश स्तर पर ‘राइट ऑफ द अनहर्ड’ नाम से नया मंच बनाने की घोषणा की।
उनके मुताबिक, यह मंच संवैधानिक दायरे में रहकर उन लोगों और वर्गों की समस्याओं को सरकार तक पहुंचाने का काम करेगा, जिनकी आवाज पर्याप्त रूप से सामने नहीं आ पा रही है।

