नई दिल्ली: दिल्ली में बुधवार को INDIA गठबंधन के नेताओं की अहम बैठक हुई। करीब साढ़े तीन घंटे चली बैठक में चुनाव आयोग, मतदाता सूची के Special Intensive Revision (SIR) और चुनाव प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई। बैठक के बाद विपक्ष ने मिलकर आगे आंदोलन चलाने का फैसला किया।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने बताया कि बैठक में राहुल गांधी, ममता बनर्जी समेत अलग-अलग दलों के नेताओं ने अपने सुझाव रखे। उद्धव ठाकरे सहित कुछ नेता बैठक से ऑनलाइन जुड़े। बैठक में कई विपक्षी दल शामिल हुए, हालांकि AAP और DMK इसमें शामिल नहीं हुए।
2 से 8 अक्टूबर तक ‘लोकतंत्र बचाओ मार्च’
INDIA गठबंधन ने 2 से 8 अक्टूबर के बीच देशभर में जिला स्तर पर ‘लोकतंत्र बचाओ मार्च’ निकालने का फैसला किया है। इसके जरिए विपक्ष मतदाता सूची और चुनाव प्रक्रिया से जुड़े अपने मुद्दों को जनता के बीच लेकर जाएगा।
इसके अलावा 6 अक्टूबर को विपक्षी सांसद चुनाव आयोग तक मार्च करेंगे। गठबंधन चुनाव आयोग के सामने SIR और चुनावी प्रक्रिया को लेकर अपनी मांगें रखेगा।
इन 6 प्रमुख मुद्दों पर विपक्ष का जोर
बैठक में मुख्य रूप से चुनावी प्रक्रिया और मतदाता सूची को लेकर मांगें सामने रखी गईं। इनमें SIR से पहले की मतदाता सूची के इस्तेमाल, मतदाता सूची में बदलाव की प्रक्रिया में ज्यादा पारदर्शिता, किसी वैध मतदाता का नाम हटाने से पहले जानकारी देने, नाम हटने पर अपील का मौका देने, नए मतदाताओं के रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया आसान करने और EVM की जगह बैलेट पेपर से चुनाव कराने जैसे मुद्दे शामिल हैं। ये विपक्षी गठबंधन की मांगें हैं; चुनाव आयोग ने अपनी ओर से कहा है कि उसकी प्रक्रिया कानून और तय नियमों के अनुसार है।
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राष्ट्रपति से मिलने का समय मांगेगा गठबंधन
खरगे ने कहा कि INDIA गठबंधन इन मुद्दों को लेकर राष्ट्रपति से मिलने का समय भी मांगेगा। विपक्ष अपनी चिंताओं और मांगों को राष्ट्रपति के सामने रखने की तैयारी में है।
बैठक के बाद साफ है कि INDIA गठबंधन अब चुनाव आयोग और SIR से जुड़े मुद्दों को संसद के साथ-साथ सड़क पर भी उठाने की तैयारी कर रहा है। वहीं, चुनाव आयोग का पक्ष है कि उसकी मतदाता सूची से जुड़ी प्रक्रियाएं कानूनी प्रावधानों के तहत की जा रही हैं।

