विदिशा। मध्य प्रदेश के विदिशा जिले में वन विभाग ने रात्रि गश्ती के दौरान बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध शिकार की साजिश को नाकाम कर दिया। इस कार्रवाई में भोपाल निवासी एक पटवारी और एक प्राइवेट सिविल इंजीनियर को हथियारों के साथ गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया।
रात्रि गश्ती के दौरान मिली मुखबिर की सूचना
15 दिसंबर को वन मंडलाधिकारी विदिशा श्री हेमंत यादव के निर्देशन में वन विभाग द्वारा नियमित रात्रि गश्ती की जा रही थी। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि लटेरी क्षेत्र के जंगल में कुछ संदिग्ध व्यक्ति शिकार की नीयत से प्रवेश कर रहे हैं।
लटेरी वन परिक्षेत्र में दबिश
सूचना के आधार पर वन परिक्षेत्र अधिकारी लटेरी (दक्षिण) श्री विवेक चौधरी ने तत्काल टीम गठित की। टीम में परिक्षेत्र सहायक चौपड़ा श्री संजय कुमार मीना, क.वा. वनपाल, बीटगार्ड मुस्करा श्री अमित शर्मा सहित अन्य स्टाफ शामिल था। टीम को लटेरी–शमशाबाद रोड से लगे बीट मुस्करा के वन क्षेत्र में दबिश देने के निर्देश दिए गए।
मोटरसाइकिल सवारों की संदिग्ध गतिविधि पर पकड़ा
गश्ती के दौरान स्टाफ ने बीट मुस्करा के कक्ष क्रमांक पी–302 से एक मोटरसाइकिल को जंगल से निकलकर लटेरी–शमशाबाद रोड की ओर आते देखा। टीम ने मोटरसाइकिल को रोककर तलाशी ली।
चाकू और टेलीस्कोप लगी एयरगन बरामद
तलाशी के दौरान मोटरसाइकिल चालक के पास से 14 सेंटीमीटर लंबा चाकू बरामद किया गया, जबकि पीछे बैठे व्यक्ति के पास से टेलीस्कोप लगी एयरगन बंदूक मिली। दोनों से पूछताछ करने पर उन्होंने शिकार करने के इरादे से जंगल में आने की बात स्वीकार की।
आरोपी भोपाल के निवासी, सरकारी कर्मचारी भी शामिल
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान इस प्रकार की गई:
- गुफरान अहमद, पिता जहूर अहमद, निवासी करोद, भोपाल – जिसने स्वयं को पटवारी, हल्का अगरिया, तहसील हुजूर, जिला भोपाल में पदस्थ बताया।
- मोहम्मद आमिर, पिता मोहम्मद अफरोज, निवासी मकान नंबर 344, पुलिस स्टेशन के सामने, श्यामला हिल्स, तहसील हुजूर, जिला भोपाल – जिसने स्वयं को प्राइवेट सिविल इंजीनियर बताया।
वन अपराध प्रकरण दर्ज
वन विभाग ने आरोपियों से एक हीरो एचएफ डीलक्स मोटरसाइकिल (वाहन क्रमांक MP40 MS 1768) सहित सभी आपत्तिजनक सामग्री जब्त कर ली। दोनों के खिलाफ वन अपराध प्रकरण क्रमांक 24/83, दिनांक 15.12.2025 के तहत कार्रवाई की गई। पूरी कानूनी प्रक्रिया के बाद दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।
वन विभाग की सख्त चेतावनी
वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि वन्यजीवों के शिकार और वन अपराधों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। विभाग ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि वन अपराध की सूचना तत्काल प्रशासन को दें।


