अयोध्या। राम मंदिर दान विवाद पर द्वारका शंकराचार्य स्वामी सदानंद सरस्वती ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने अयोध्या, द्वारका, तिरुपति और बद्रीनाथ जैसे पवित्र स्थलों को ‘टूरिस्ट डेस्टिनेशन’ बनाने की कोशिशों पर नाराजगी जताई।
शंकराचार्य ने कहा कि अयोध्या, द्वारका, तिरुपति और बद्रीनाथ तपस्या के स्थान हैं, पर्यटन स्थल नहीं। सरकार और नेता इन धार्मिक स्थलों को पर्यटन केंद्र की तरह देख रहे हैं, जिससे लोगों में धार्मिक भावना कमजोर पड़ रही है।
शंकराचार्य ने राम मंदिर दान विवाद को लेकर चिंता जताते हुए कहा कि धार्मिक स्थलों के प्रबंधन के लिए ‘सनातन धर्म संरक्षण समिति’ बनाई जाए। उन्होंने सुझाव दिया कि इस समिति में देश के सभी मान्यता प्राप्त और गैर-विवादित आचार्यों को शामिल किया जाए। साथ ही चारों जगद्गुरु शंकराचार्यों को भी समिति का हिस्सा बनाया जाए।
उन्होंने स्पष्ट किया कि यह राजनीति नहीं, बल्कि धार्मिक नीति का विषय है। अयोध्या जैसी घटनाएं अन्य धार्मिक स्थलों पर न हों, इसके लिए स्थायी व्यवस्था बनाने की अपील की।
शंकराचार्य की इस मांग ने धार्मिक गलियारों में चर्चा तेज कर दी है।

