नई दिल्ली: देश में पेपर लीक के मुद्दे पर लगातार बहस जारी है। इस बीच भारतीय क्रिकेट जगत की तीन बड़ी हस्तियों-सचिन तेंदुलकर, शुभमन गिल और शिखर धवन-ने भी इस विषय पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। तीनों खिलाड़ियों ने अलग-अलग अंदाज में छात्रों की मेहनत, ईमानदारी और उनके भविष्य को लेकर अपनी बात रखी।
सचिन तेंदुलकर बोले- मेहनत का सम्मान हो, मेरिट जीते
सचिन तेंदुलकर ने कहा कि उनके पिता ने बचपन में उन्हें एक महत्वपूर्ण सीख दी थी-“असफल होना ठीक है, लेकिन चीटिंग नहीं।” उन्होंने कहा कि यदि छात्रों को यह महसूस हो कि उनकी कड़ी मेहनत का उचित परिणाम नहीं मिला, तो उनका निराश होना स्वाभाविक है। सचिन ने जोर देकर कहा कि समाज और व्यवस्था ऐसी होनी चाहिए, जहां मेहनत का सम्मान किया जाए, ईमानदारी को बढ़ावा मिले और सफलता का आधार केवल मेरिट हो।
शुभमन गिल ने युवाओं के अवसरों पर दिया जोर
भारतीय टेस्ट और वनडे टीम के कप्तान शुभमन गिल ने शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने वाले युवाओं का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि देश के हर युवा को सीखने, सपने देखने और अपने भविष्य को संवारने का पूरा अवसर मिलना चाहिए। गिल ने कहा कि शिक्षा किसी भी देश के भविष्य की नींव होती है, इसलिए इस विषय पर सभी पक्षों को छात्रों के हित को सर्वोच्च प्राथमिकता देनी चाहिए।
शिखर धवन ने संयम और भरोसा रखने की दी सलाह
पूर्व भारतीय क्रिकेटर शिखर धवन ने कहा कि युवाओं के सपनों और उनकी भावनाओं को समझना बेहद जरूरी है। उन्होंने अपील की, कि कठिन परिस्थितियों में धैर्य बनाए रखें और संस्थाओं पर भरोसा रखें। धवन ने कहा कि हर चुनौती का समाधान संवाद, संयम और सकारात्मक सोच के जरिए निकाला जा सकता है।




