उत्तराखंड। चल रही चार धाम यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की मौत के बढ़ते मामलों ने चिंता बढ़ा दी है। 19 अप्रैल से 16 मई 2026 के बीच सिर्फ 28 दिनों में 48 श्रद्धालुओं की मौत हो चुकी है। इनमें सबसे ज्यादा मामले केदारनाथ मंदिर से सामने आए हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि बिना रुके सीधे हाई एल्टीट्यूड वाले क्षेत्रों में पहुंचना और शरीर को वहां के मौसम के अनुसार ढलने का समय न देना कई यात्रियों के लिए जानलेवा साबित हो रहा है।
किस धाम में कितनी मौतें?
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक:
- केदारनाथ धाम: 26 मौतें
- बदरीनाथ धाम: 8 मौतें
- गंगोत्री धाम: 7 मौतें
- यमुनोत्री धाम: 7 मौतें
अधिकांश मामलों में हार्ट अटैक और अचानक स्वास्थ्य बिगड़ना प्रमुख कारण बताए गए हैं।
आखिर क्यों बढ़ रहा खतरा?
बता दें चारों धाम समुद्र तल से लगभग 3000 मीटर या उससे अधिक ऊंचाई पर स्थित हैं। यहां ऑक्सीजन का स्तर कम और मौसम बेहद ठंडा होता है। एक्सपर्ट्स के अनुसार, कई श्रद्धालु लंबी दूरी तय कर सीधे ऊंचाई वाले इलाकों में पहुंच जाते हैं, जिससे शरीर को वातावरण के अनुसार ढलने का मौका नहीं मिलता। इसे मेडिकल भाषा में ‘एक्लाइमेटाइजेशन’ कहा जाता है। इसकी कमी से सांस लेने में दिक्कत, ब्लड प्रेशर असंतुलन और हार्ट संबंधी समस्याएं बढ़ सकती हैं।
पहले लोग पड़ाव लेकर करते थे यात्रा
वहीं स्थानीय जानकारों के मुताबिक, पहले श्रद्धालु हरिद्वार, ऋषिकेश, रुद्रप्रयाग, गुप्तकाशी, फाटा या सोनप्रयाग जैसे स्थानों पर रुकते हुए धीरे-धीरे यात्रा पूरी करते थे। इससे शरीर ऊंचाई और मौसम के अनुसार खुद को एडजस्ट कर लेता था। लेकिन अब बेहतर सड़कें, निजी वाहन और तेज यात्रा सुविधाओं के कारण लोग बिना रुके सीधे धामों तक पहुंच रहे हैं, जिससे स्वास्थ्य जोखिम बढ़ गया है।
पहले से बीमार श्रद्धालुओं को ज्यादा खतरा
इस मामले को लेकर डॉक्टरों का कहना है कि हृदय रोग, हाई ब्लड प्रेशर, शुगर, अस्थमा और सांस संबंधी बीमारी से पीड़ित लोगों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। कई यात्री बिना मेडिकल चेकअप और डॉक्टर की सलाह के यात्रा पर निकल जाते हैं, जो खतरनाक साबित हो सकता है।
सरकार ने बढ़ाए हेल्थ इंतजाम
उत्तराखंड सरकार ने यात्रा मार्ग पर स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने के लिए47 डेडिकेटेड अस्पताल बनाए हैं। इसी के साथ ही कई हेल्थ सेंटर स्थापित किए हैं और 400 से ज्यादा डॉक्टरों की तैनाती की है। केदारनाथ और यमुनोत्री पैदल मार्ग पर मेडिकल टीमें लगाई हैं। इसके अलावा श्रद्धालुओं से यात्रा से पहले हेल्थ चेकअप कराने और जरूरी दवाइयां साथ रखने की अपील की गई है।
यात्रा से पहले इन बातों का रखें ध्यान
- यात्रा से पहले हेल्थ चेकअप जरूर कराएं
- लगातार लंबी यात्रा करने से बचें
- ऊंचाई वाले क्षेत्रों में पर्याप्त आराम करें
- पानी और ऑक्सीजन लेवल का ध्यान रखें
- सांस फूलने, सीने में दर्द या चक्कर आने पर तुरंत मेडिकल मदद लें

