नई दिल्ली: दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में हुए दर्दनाक हादसे के बाद राजधानी में बाहर से पढ़ने आने वाले छात्रों की Housing और Safety को लेकर नई बहस शुरू हो गई है। हादसे पर प्रतिक्रिया देते हुए अभिनेता सोनू सूद ने दिल्ली सरकार से छात्रों के लिए सुरक्षित और किफायती हॉस्टल तैयार करने की अपील की है।
सरकारी जमीन के इस्तेमाल का दिया सुझाव
सोनू सूद ने कहा कि दिल्ली में उपलब्ध खाली सरकारी जमीन का इस्तेमाल Student Hostels बनाने के लिए किया जा सकता है। उनका सुझाव है कि इससे दूसरे शहरों और राज्यों से पढ़ाई के लिए दिल्ली आने वाले विद्यार्थियों को सुरक्षित रहने की जगह मिल सकेगी।
दिल्ली में बड़ी संख्या में छात्र कॉलेज और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए किराए के कमरों, PG और निजी हॉस्टलों में रहते हैं। ऐसे में सूद की मांग ने छात्र आवास की सुरक्षा और उसकी निगरानी के मुद्दे को फिर सामने ला दिया है।
सात जिंदगियों के बाद उठे सुरक्षा पर सवाल
सत्य निकेतन में पांच मंजिला इमारत गिरने की घटना में सात लोगों की जान जाने की खबर है। हादसे के बाद यह सवाल भी उठ रहा है कि छात्रों के रहने के लिए इस्तेमाल होने वाली इमारतों में Building Safety के नियमों का कितना पालन किया जा रहा है।
घटना के बाद पुराने और असुरक्षित भवनों की जांच तथा PG और किराए पर दिए जाने वाले मकानों की नियमित निगरानी की मांग भी तेज हो सकती है।
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हॉस्टल बने तो छात्रों को क्या फायदा?
सरकारी स्तर पर हॉस्टल की संख्या बढ़ने से विद्यार्थियों को कम खर्च में सुरक्षित आवास का विकल्प मिल सकता है। साथ ही Fire Safety, Building Standards और अन्य जरूरी सुविधाओं की निगरानी भी व्यवस्थित तरीके से की जा सकती है।
अब देखना होगा कि दिल्ली सरकार सोनू सूद के इस प्रस्ताव पर क्या रुख अपनाती है और सत्य निकेतन हादसे के बाद छात्र आवास की सुरक्षा को लेकर क्या कदम उठाए जाते हैं।

