भोपाल: मध्य प्रदेश के जनजातीय कार्य मंत्री विजय शाह के कर्नल सोफिया कुरैशी पर दिए विवादित बयान के मामले में आज कैबिनेट बैठक में अहम फैसला हो सकता है। बैठक में शाह के खिलाफ अभियोजन चलाने की मंजूरी देने के प्रस्ताव पर चर्चा होगी। सरकार की मंजूरी मिलने पर प्रस्ताव राज्यपाल के पास भेजा जाएगा। राज्यपाल की स्वीकृति के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई का रास्ता साफ होगा।
सुप्रीम कोर्ट की 31 अगस्त को सुनवाई
मामले में सुप्रीम कोर्ट की अगली सुनवाई 31 अगस्त को प्रस्तावित है। ऐसे में कैबिनेट के फैसले पर राजनीतिक और कानूनी दोनों स्तरों पर नजर बनी हुई है।
एक साल से लंबित है अभियोजन की मंजूरी
विजय शाह के खिलाफ गठित विशेष जांच दल (SIT) अपनी जांच पूरी कर चुका है। एसआईटी ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 196(1)(a) के तहत अभियोजन की अनुमति मांगी है। सरकारी सेवक के खिलाफ इस तरह की कार्रवाई के लिए सरकार की मंजूरी जरूरी होने के कारण एसआईटी की रिपोर्ट के बावजूद मामला आगे नहीं बढ़ पाया।
सुप्रीम कोर्ट ने सरकार से मांगा था जवाब
अभियोजन मंजूरी में देरी को लेकर सुप्रीम कोर्ट पहले भी मध्य प्रदेश सरकार को निर्देश दे चुका है। 19 जनवरी 2026 को कोर्ट ने दो सप्ताह में निर्णय लेने को कहा था। बाद में मई में कोर्ट ने चार सप्ताह में अनुपालन रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए। हालांकि, 23 जुलाई की कार्यालय रिपोर्ट में आदेश के अनुपालन से जुड़े दस्तावेज दाखिल नहीं होने की बात सामने आई थी।
11 मई 2025 के बयान से शुरू हुआ विवाद
मामला 11 मई 2025 को महू के रायकुंडा गांव में आयोजित कार्यक्रम के दौरान विजय शाह द्वारा कर्नल सोफिया कुरैशी को लेकर दिए गए विवादित बयान से जुड़ा है। बयान के बाद व्यापक विरोध हुआ था। शाह ने बाद में माफी भी मांगी थी, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने माफी में देरी पर नाराजगी जताई थी।
अब कैबिनेट के फैसले से मामले की आगे की कानूनी दिशा तय होने की उम्मीद है।

