नई दिल्ली: देश में हाई-स्पीड रेल नेटवर्क के विस्तार को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुलेट ट्रेन परियोजना के नॉर्थ कॉरिडोर को मंजूरी दे दी है। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इसकी जानकारी देते हुए बताया कि प्रस्तावित कॉरिडोर दिल्ली से शुरू होकर उत्तर भारत के कई प्रमुख शहरों को जोड़ेगा। इस परियोजना के पूरा होने के बाद दिल्ली से आगरा का सफर महज 59 मिनट में पूरा किया जा सकेगा। वहीं दिल्ली से वाराणसी पहुंचने में करीब साढ़े तीन घंटे लगेंगे।
दिल्ली से पटना और गुवाहाटी तक बढ़ेगा नेटवर्क
रेल मंत्री के मुताबिक, प्रस्तावित बुलेट ट्रेन कॉरिडोर दिल्ली से शुरू होकर आगरा, कानपुर, लखनऊ, अयोध्या, वाराणसी, प्रयागराज और पटना होते हुए सिलिगुड़ी तक पहुंचेगा। आगे इसे गुवाहाटी तक विस्तारित करने की योजना भी बताई गई है। इससे उत्तर और पूर्वी भारत के बीच तेज रेल कनेक्टिविटी विकसित करने में मदद मिलेगी।
कई शहरों के बीच घट जाएगा यात्रा का समय
रेल मंत्री ने प्रस्तावित कॉरिडोर के लिए कुछ संभावित यात्रा समय भी साझा किए हैं। इसके अनुसार दिल्ली से आगरा का सफर 59 मिनट, दिल्ली से कानपुर 1 घंटा 45 मिनट और दिल्ली से लखनऊ 2 घंटे 12 मिनट में पूरा हो सकेगा। वहीं दिल्ली से वाराणसी पहुंचने में लगभग 3 घंटे 35 मिनट लगेंगे। वाराणसी से प्रयागराज का सफर करीब 33 मिनट और वाराणसी से पटना का सफर लगभग एक घंटे का हो सकता है।
मेक इन इंडिया के तहत होगा निर्माण
अश्विनी वैष्णव ने बताया कि बुलेट ट्रेन परियोजना के निर्माण में स्वदेशी तकनीक और भारतीय इंजीनियरिंग को प्राथमिकता दी जाएगी। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्य में इस्तेमाल होने वाले कई महत्वपूर्ण ढांचे और तकनीकी उपकरण भारत में ही तैयार किए जाएंगे। रेल मंत्री के मुताबिक, इस परियोजना का किराया भी हवाई यात्रा की तुलना में किफायती रखने का प्रयास किया जाएगा।
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यात्रियों और कारोबार को मिलेगा फायदा
इस कॉरिडोर से छात्रों, नौकरीपेशा लोगों, व्यापारियों और इलाज के लिए बड़े शहरों की यात्रा करने वाले लोगों को फायदा मिलने की उम्मीद है। कम समय में लंबी दूरी तय होने से पर्यटन, व्यापार और क्षेत्रीय आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिल सकता है।

