दिल्ली। देश की राजधानी में सरकार प्रशासनिक सेवाओं को अधिक सरल, तेज और नागरिक-केंद्रित बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रही है। सरकार ने फैसला किया है कि दिल्ली जल बोर्ड (DJB) के जोन को अब राजधानी के 13 प्रशासनिक जिलों के अनुरूप पुनर्गठित किया जाएगा। इस बदलाव का उद्देश्य सरकारी प्रक्रियाओं की जटिलता कम करना और नागरिकों को एक ही स्थान से सभी आवश्यक सेवाएं उपलब्ध कराना है।
सरकारी अधिकारियों के अनुसार, अभी तक DJB के जोन और दिल्ली के प्रशासनिक जिले अलग-अलग संरचना में काम कर रहे थे, जिसके कारण लोगों को शिकायत या काम के लिए कई दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़ते थे। नए ढांचे में जोन और जिले का मेल होने से यह समस्या काफी हद तक खत्म हो जाएगी।
दफ्तरों की उलझन होगी खत्म
बता दें अक्सर नागरिकों को यह स्पष्ट नहीं होता कि उनके क्षेत्र से जुड़ा मामला किस विभाग या कार्यालय के अंतर्गत आता है, क्योंकि पुलिस, जल बोर्ड और अन्य विभागों की सीमाएं अलग-अलग होती हैं। नए प्लान के तहत यह सुनिश्चित किया जाएगा कि कोई भी इलाका एक से अधिक जोन में न बंटे। इससे शिकायतों के निपटारे में तेजी आएगी और जवाबदेही भी बढ़ेगी।
हर जिले में बनेगा ‘मिनी सचिवालय’
सूत्रों अनुसार दिल्ली कैबिनेट ने प्रत्येक जिले में ‘मिनी सचिवालय’ स्थापित करने को मंजूरी दी है। इन सचिवालयों में जल बोर्ड, PWD और अन्य प्रमुख विभागों के अधिकारी एक ही परिसर में मौजूद रहेंगे। इससे नागरिकों को अलग-अलग कार्यालयों में जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी और अधिकतर सेवाएं एक ही स्थान से मिल सकेंगी।
क्यों जरूरी था यह बदलाव?
अब तक दिल्ली में जल बोर्ड का कार्य सिविल, वेस्ट, ईस्ट, सेंट्रल और साउथ जैसे जोन में बंटा हुआ था, जिनका प्रशासनिक जिलों या पुलिस सीमाओं से तालमेल नहीं था। इसी असंगति को दूर करने के लिए सरकार अब जल बोर्ड, नगर निगम और पुलिस की सीमाओं को यथासंभव एक समान बनाने की दिशा में काम कर रही है।
जानकारी अनुसार सरकार का मानना है कि इस सुधार के बाद राजधानी में ‘सिंगल विंडो सिस्टम’ की तरह कामकाज संभव होगा, जिससे नागरिकों का समय बचेगा और प्रशासनिक व्यवस्था अधिक पारदर्शी तथा प्रभावी बनेगी।

