वृद्धाश्रम और दिव्यांग पुनर्वास केंद्रों की अब ऑनलाइन होगी मॉनिटर
भोपाल। मप्र में सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग ने सामाजिक संस्थाओं की निगरानी और गुणवत्ता सुधार के लिए ‘क्वालिटी ऑडिट मोबाइल ऐप’ लागू किया है। इस डिजिटल पहल के जरिए अब प्रदेश की 252 शासकीय और अशासकीय संस्थाओं का निरीक्षण ऑनलाइन और पारदर्शी तरीके से किया जाएगा।
इस ऐप के माध्यम से दिव्यांगजन पुनर्वास केंद्र, वृद्धाश्रम, विशेष विद्यालय और नशा मुक्ति केंद्रों की कार्यप्रणाली की नियमित मॉनिटरिंग संभव हो सकेगी। ऐप को एमपीएसईडीसी के सहयोग से विकसित किया गया है, जिससे निरीक्षण प्रक्रिया अधिक सरल, जवाबदेह और प्रभावी बनी है।
नई व्यवस्था के तहत जिला अधिकारी विभागीय पोर्टल पर लॉगइन कर सामाजिक सुरक्षा अधिकारियों को यूजर आईडी उपलब्ध कराते हैं। इसके बाद निरीक्षण दल गठित कर संबंधित संस्थाओं का निरीक्षण तय किया जाता है। अधिकारी मोबाइल ऐप के जरिए लोकेशन आधारित निरीक्षण करते हुए संस्था के कम से कम पांच फोटो अपलोड करते हैं और निर्धारित प्रश्नों के आधार पर रिपोर्ट तैयार करते हैं। निरीक्षण के दौरान संस्था की वास्तविक स्थिति के अनुसार मूल्यांकन किया जाता है और अंत में ग्रेडिंग जारी की जाती है। यह रिपोर्ट तत्काल जिला और संचालनालय स्तर पर ऑनलाइन उपलब्ध हो जाती है, जिससे संस्थाओं में कमियों की पहचान कर समय पर सुधार सुनिश्चित किया जा सके।
आयेगी पारदर्शिता
सरकार का मानना है कि डिजिटल तकनीक आधारित यह व्यवस्था न केवल अनुदान राशि के सही उपयोग को सुनिश्चित करेगी, बल्कि दिव्यांगजन, वरिष्ठ नागरिकों और अन्य जरूरतमंदों को बेहतर एवं सुरक्षित सेवाएं उपलब्ध कराने में भी मददगार साबित होगी। राज्य शासन के अनुसार यह ऐप सामाजिक क्षेत्र में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है, जो प्रशासनिक सुधार के साथ संवेदनशील और समावेशी समाज निर्माण की अवधारणा को भी मजबूत करेगा।

