हरदोई। उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले में गंगा एक्सप्रेसवे पर शनिवार और रविवार की दरमियानी रात बड़ा सड़क हादसा हो गया। सिद्धार्थनगर से दिल्ली-नोएडा जा रही एक डबल डेकर बस अचानक अनियंत्रित होकर एक्सप्रेसवे की रेलिंग तोड़ते हुए करीब 20 फीट नीचे खेत में जा गिरी। हादसे में करीब 50 यात्री घायल हो गए, जबकि 12 यात्रियों की हालत गंभीर होने पर उन्हें बेहतर इलाज के लिए राजकीय मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है।
यह हादसा पचदेवरा थाना क्षेत्र के सपाभापुर गांव के पास रात करीब 2 बजे हुआ। दुर्घटना इतनी भीषण थी कि बस पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और उसके कई हिस्से टूटकर बिखर गए।
संतुलन बिगड़ते ही पलटी बस
प्रत्यक्षदर्शियों और यात्रियों के मुताबिक, सफर के दौरान बस के सामने अचानक एक वाहन आ गया। टक्कर से बचने के प्रयास में चालक ने तेज ब्रेक लगाया, जिससे बस का संतुलन बिगड़ गया। इसके बाद बस रेलिंग तोड़ते हुए एक्सप्रेसवे से नीचे खेत में पलट गई। हादसे के बाद बस में अफरा-तफरी मच गई और चारों ओर यात्रियों की चीख-पुकार गूंजने लगी।
ग्रामीण बने सबसे पहले मददगार
दुर्घटना की आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण तुरंत मौके पर पहुंचे और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। सूचना मिलने पर पचदेवरा थाना पुलिस भी घटनास्थल पर पहुंची। पुलिस और ग्रामीणों ने मिलकर बस में फंसे यात्रियों को बाहर निकाला और एंबुलेंस के जरिए अस्पताल भेजा।
42 घायलों का प्राथमिक उपचार
प्राथमिक जानकारी अनुसार, सभी घायलों को पहले शाहजहांपुर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया, जहां 42 यात्रियों का प्राथमिक उपचार किया गया। इनमें से 12 गंभीर घायलों को बेहतर इलाज के लिए राजकीय मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया, जबकि अन्य यात्रियों को उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई।
सिद्धार्थनगर और बस्ती के रहने वाले हैं अधिकांश यात्री
पुलिस के अनुसार, बस में सवार अधिकांश यात्री सिद्धार्थनगर और बस्ती जिले के निवासी हैं। हादसे में घायल हुए लोगों में महिलाएं, पुरुष और बच्चे भी शामिल हैं। दुर्घटना के तुरंत बाद बस चालक और परिचालक मौके से फरार हो गए। पुलिस उनकी तलाश में जुट गई है और हादसे के कारणों की जांच की जा रही है।
पुलिस ने शुरू की जांच
पचदेवरा थाना प्रभारी राकेश यादव ने बताया कि हादसा रात करीब दो बजे हुआ। प्राथमिक जांच में तेज ब्रेक लगाने के कारण बस के अनियंत्रित होने की बात सामने आई है। पुलिस तकनीकी और अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है ताकि दुर्घटना की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सके। फिलहाल घायलों का इलाज जारी है और प्रशासन पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है।

