जम्मू-कश्मीर |जम्मू-कश्मीर में नियंत्रण रेखा पर एक बार फिर ड्रोन के जरिए घुसपैठ की कोशिश की गई, जिसे भारतीय सेना ने समय रहते विफल कर दिया। पुंछ जिले में रविवार सुबह करीब 5:45 से 6 बजे के बीच 2 से 3 छोटे क्वाडकॉप्टर ड्रोन भारतीय हवाई सीमा की ओर बढ़ते देखे गए। सतर्क जवानों ने तुरंत एक्शन लेते हुए काउंटर-ड्रोन सिस्टम सक्रिय किया, जिसके बाद ड्रोन वापस लौटने को मजबूर हो गए।
अधिकारियों का कहना है कि यह कोई एकल घटना नहीं है। हाल के दिनों में LoC और अंतरराष्ट्रीय सीमा के आसपास ड्रोन गतिविधियों में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक, ऐसे ड्रोन का इस्तेमाल अक्सर हथियार, नकदी या नशीले पदार्थ गिराने के लिए किया जाता है, इसलिए हर गतिविधि को गंभीरता से लिया जा रहा है।
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव का असर भी सीमावर्ती इलाकों की सुरक्षा रणनीति पर दिख रहा है। 1 मार्च 2026 को अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान के सैन्य ठिकानों पर की गई संयुक्त कार्रवाई के बाद हालात तेजी से बदले हैं। इसी पृष्ठभूमि में सीमावर्ती क्षेत्रों में चौकसी और बढ़ा दी गई है, ताकि किसी भी संभावित खतरे को पहले ही रोक लिया जाए।
भारतीय सेना ने स्पष्ट किया है कि देश की सुरक्षा के साथ कोई समझौता नहीं होगा। LoC पर निगरानी तंत्र को और मजबूत किया गया है, उन्नत तकनीक और अतिरिक्त संसाधन तैनात किए गए हैं। सेना का कहना है कि किसी भी तरह की घुसपैठ की कोशिश का सख्ती से जवाब दिया जाएगा।


