नई दिल्ली: प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने पीएसीएल लिमिटेड से जुड़े धन शोधन मामले में 42.13 करोड़ रुपये के शेयर कुर्क किए हैं। दिल्ली क्षेत्रीय कार्यालय ने यह कार्रवाई धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत की है। ईडी के अनुसार, कुर्क किए गए शेयर इंडस्ट्रियल इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट लिमिटेड के हैं और एन.एन. फाइनेंशियल सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड के पास थे।
जांच में पता चला कि इन शेयरों को खरीदने में इस्तेमाल पैसा पीएसीएल से कथित तौर पर दूसरी जगह भेजी गई राशि से आया था। ईडी के मुताबिक, यह वही धन था जो निवेशकों से जुटाया गया था और जिसे मामले में अपराध से हुई कमाई माना गया है।
48 हजार करोड़ रुपये जुटाने का आरोप
यह मामला पीएसीएल और उससे जुड़ी कंपनियों पर कथित वित्तीय धोखाधड़ी की जांच से जुड़ा है। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की प्राथमिकी के आधार पर ईडी ने वर्ष 2016 में जांच शुरू की थी। सीबीआई इस मामले में 33 आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र और अतिरिक्त आरोपपत्र दाखिल कर चुकी है।
जांच एजेंसियों के अनुसार, आरोपियों ने कृषि जमीन बेचने और विकसित करने का भरोसा देकर लाखों लोगों से 48,000 करोड़ रुपये से ज्यादा जुटाए। निवेशकों को किस्तों और नकद के जरिए पैसा लगाने के लिए कहा गया। उन्हें जमीन देने के नाम पर समझौते और मुख्तारनामे जैसे दस्तावेज भी दिए गए। आरोप है कि ज्यादातर मामलों में वादा की गई जमीन नहीं मिली और बड़ी रकम वापस नहीं की गई।
29.46 लाख शेयर कुर्क
ईडी ने इंडस्ट्रियल इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट लिमिटेड के 29,46,341 शेयर कुर्क किए हैं। इन्हें 30.90 करोड़ रुपये में खरीदा गया था। 18 सितंबर को इन शेयरों की बाजार कीमत 42.13 करोड़ रुपये से अधिक थी। ईडी के मुताबिक, प्रति शेयर कीमत 143 रुपये आंकी गई है।
इस मामले में ईडी ने 2018 में पहली अभियोजन शिकायत दाखिल की थी। इसके बाद 2022, 2025 और 2026 में छह अतिरिक्त शिकायतें भी दाखिल की गईं।
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अब तक 29,667 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क
नई कार्रवाई के साथ पीएसीएल मामले में ईडी की ओर से अब तक कुर्क की गई संपत्तियों का कुल मूल्य करीब 29,667.76 करोड़ रुपये हो गया है। इसमें भारत और विदेशों में मौजूद चल-अचल संपत्तियां शामिल हैं। मामले की जांच अभी जारी है।

