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Hometrending newsप्रदेश में शिक्षा व्यवस्था ठप लाखों बच्चों का भविष्य चौपट -अजय सिंह

प्रदेश में शिक्षा व्यवस्था ठप लाखों बच्चों का भविष्य चौपट -अजय सिंह

भोपाल:मध्य प्रदेश के पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने कहा है कि शिक्षकों की भारी कमी, निजी स्कूलों की बेलगाम और महंगी फीस तथा शिक्षा के व्यवसायीकरण के कारण मध्य प्रदेश में नई पीढ़ी का भविष्य चौपट हो गया है। उन्होंने कहा कि जो हालात विंध्य और बुंदेलखंड अंचलों के हैं, कमोबेश वैसे ही बदतर हालात पूरे प्रदेश में बने हुए हैं। यही हाल उच्च शिक्षा का है| विश्वविद्यालयों में आर.एस.एस के कुलपति बैठा दिए गये हैं|

राहुल गांधी छात्रों के मुद्दे उठा रहे

हमारे नेता राहुल गांधी इन्हीं मुद्दों को देश में “छात्रों की गूंज” के माध्यम से उठा रहे हैं| वे छात्रों से उनकी समस्याओं को लेकर बात कर रहे हैं और उनसे पूछ रहे हैं कि देश को लेकर उनकी क्या उम्मीदें हैं| यह सब ऐसे समय हो रहा है जब सरकार छात्रों से न तो बात करती है और न ही उनकी सुनती है| उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि राहुल गांधी जी के प्रयासों के दूरगामी परिणाम निकलेंगे|

बदहाली को मूकदर्शक बनकर नहीं देख सकती

अजय सिंह ने चेताया कि आज की नई पीढ़ी यानी ‘जेन जी’ और ‘जेन अल्फा’ शिक्षा की इस बदहाली को मूकदर्शक बनकर नहीं देख सकती। उनके द्वारा किये जा रहे आन्दोलन सरकार के लिए एक चेतावनी है| कंप्यूटर और डिजिटल बोर्ड तो दूर की बात है, प्रदेश के हजारों स्कूलों में बच्चों को बैठने के लिए भवन और टाट-पट्टी तक नसीब नहीं हो रही है। इस उपेक्षा के कारण बच्चों में आक्रोश है, जो अब सड़कों पर दिख रहा है।

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गरीब बच्चे को शिक्षा की गारंटी दें सीएम

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री मोहन यादव ‘सीएम राइज’ स्कूल के विज्ञापनों और ब्रांडिंग से बाहर निकलें और प्रदेश के हर गरीब बच्चे को शिक्षा की गारंटी दें। देश में सबसे ज्यादा 33 हजार सरकारी स्कूल मध्य प्रदेश में बंद या मर्ज किए जा चुके हैं। इसका सीधा असर गरीब और आदिवासी बच्चों पर पड़ा है। रीवा, सीधी, सतना और शहडोल के आदिवासी क्षेत्रों में स्कूल बंद होने से विद्यार्थियों को कई किलोमीटर पैदल सफर करना पड़ रहा है| इससे बच्चियों का ड्रॉप-आउट रेट लगातार बढ़ रहा है।

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