सिलीगुड़ी। पश्चिम बंगाल के चुनावी रण में आज सिलीगुड़ी राजनीतिक गतिविधियों का बड़ा केंद्र बना हुआ है, जहां नरेंद्र मोदी विशाल जनसभा को संबोधित कर रहे हैं। यह दौरा उनके दो दिवसीय बंगाल अभियान का हिस्सा है, जिसमें वे दार्जिलिंग और जलपाईगुड़ी की कुल 12 सीटों पर पार्टी उम्मीदवारों के पक्ष में माहौल बनाने की कोशिश कर रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, प्रधानमंत्री अपने संबोधन में विकास, सीमा सुरक्षा, चाय बागान मजदूरों के मुद्दे और उत्तर बंगाल के इंफ्रास्ट्रक्चर पर खास फोकस कर सकते हैं। इससे पहले उन्होंने कटवा, जंगीपुर और कुशमंडी में रैलियों के जरिए विपक्ष पर तीखे हमले किए थे।
पहले चरण में बड़ी परीक्षा
चुनाव आयोग के आंकड़ों के मुताबिक, 23 अप्रैल को होने वाले पहले चरण में करीब 3.6 करोड़ मतदाता अपने वोट का इस्तेमाल करेंगे। इस बार मतदाता सूची पुनरीक्षण (SIR) के बाद करीब 91 लाख नाम हटाए गए, जिससे चुनावी समीकरणों में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।
दक्षिण में कांग्रेस का काउंटर अटैक
जहां बंगाल में बीजेपी आक्रामक मोड में है, वहीं दक्षिण भारत में राहुल गांधी चुनावी मैदान में उतरने जा रहे हैं। वे तमिलनाडु के थूथुकुडी में मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन के साथ रोड शो और जनसभा करेंगे। यह दौरा कांग्रेस के लिए खास माना जा रहा है, क्योंकि पार्टी दक्षिण में अपनी पकड़ मजबूत करने की रणनीति पर काम कर रही है।
एनडीए और बीजेपी की मल्टी-लेयर कैंपेनिंग
बता दें इसी बीच बीजेपी संगठन भी अलग-अलग स्तर पर प्रचार तेज कर चुका है। पार्टी के नेता नितिन नवीन ने तमिलनाडु में रोड शो कर एनडीए उम्मीदवारों के लिए समर्थन जुटाया।
वहीं रेखा गुप्ता ने हुगली जिले में प्रचार कर बंगाल में पार्टी की पकड़ मजबूत करने की कोशिश की। उनका यह दौरा पश्चिम बंगाल में पार्टी की जमीनी पकड़ को और मजबूत करने की रणनीति का अहम हिस्सा माना जा रहा है।

