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यूपी में बिजली का झटका: जून से बढ़ेगा बिल

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के करोड़ों बिजली उपभोक्ताओं को जून महीने से बड़ा झटका लगने वाला है। दूध, पेट्रोल, डीजल, एलपीजी और सीएनजी के बढ़ते दामों के बीच अब बिजली भी महंगी हो गई है। उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (UPPCL) ने फ्यूल एंड पावर परचेज एडजस्टमेंट सरचार्ज (FPPAS) में 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी लागू करने का फैसला किया है। इसका सीधा असर जून 2026 के बिजली बिल पर दिखाई देगा।

जून के बिल में जुड़ेगा अतिरिक्त चार्ज

बिजली विभाग के अनुसार, यह बढ़ोतरी मार्च 2026 की अतिरिक्त बिजली खरीद लागत की भरपाई के लिए की जा रही है। नियामक व्यवस्था के तहत किसी भी महीने का फ्यूल सरचार्ज चौथे महीने के बिल में जोड़ा जाता है। इसी नियम के तहत मार्च का 10 प्रतिशत सरचार्ज अब जून के बिल में उपभोक्ताओं से वसूला जाएगा। सरल शब्दों में समझें तो यदि किसी उपभोक्ता का मासिक बिजली बिल 1000 रुपये आता है, तो उसे करीब 100 रुपये अतिरिक्त चुकाने पड़ सकते हैं।

अब तक का सबसे अधिक फ्यूल सरचार्ज

ऊर्जा क्षेत्र के जानकारों का कहना है कि यह हाल के वर्षों में लागू किए गए सबसे बड़े फ्यूल सरचार्ज में से एक है। बढ़ती ईंधन लागत, बिजली उत्पादन खर्च और बाहरी राज्यों से महंगी बिजली खरीदने की वजह से यह फैसला लिया गया है। UPPCL के अधिकारियों का कहना है कि यदि आने वाले महीनों में बिजली खरीद लागत में और इजाफा होता है, तो फ्यूल सरचार्ज आगे भी बढ़ सकता है।

घरेलू से लेकर कारोबारी उपभोक्ता तक होंगे प्रभावित

बता दें इस बढ़ोतरी का असर सिर्फ घरेलू उपभोक्ताओं पर ही नहीं बल्कि दुकानदारों, छोटे उद्योगों, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और कारोबारी उपभोक्ताओं पर भी पड़ेगा। बिजली बिल बढ़ने से कई क्षेत्रों में संचालन लागत बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।

क्यों बढ़ाया गया फ्यूल सरचार्ज?

बिजली विभाग का कहना है कि बिजली उत्पादन में उपयोग होने वाले ईंधन की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी हुई है। इसके अलावा राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ऊर्जा बाजार में अस्थिरता के कारण बिजली खरीदना महंगा हुआ है। मध्य-पूर्व में जारी भू-राजनीतिक तनाव और वैश्विक ऊर्जा बाजार में उतार-चढ़ाव का असर भी बिजली उत्पादन लागत पर पड़ा है। ऐसे में अतिरिक्त खर्च की भरपाई के लिए फ्यूल सरचार्ज लगाया गया है।

उपभोक्ताओं की बढ़ी चिंता

पहले से महंगाई की मार झेल रहे लोगों के लिए यह फैसला नई चिंता लेकर आया है। खाद्य पदार्थों, ईंधन और गैस सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी के बाद अब बिजली बिल का बोझ भी बढ़ने जा रहा है। उपभोक्ता संगठनों ने इस फैसले पर पुनर्विचार की मांग करते हुए सरकार से राहत पैकेज देने की अपील की है।

क्या है FPPAS?

फ्यूल एंड पावर परचेज एडजस्टमेंट सरचार्ज (FPPAS) वह अतिरिक्त शुल्क होता है, जो बिजली उत्पादन और खरीद में आने वाली अतिरिक्त लागत की भरपाई के लिए उपभोक्ताओं के बिल में जोड़ा जाता है। यह स्थायी टैरिफ का हिस्सा नहीं होता, बल्कि परिस्थितियों के अनुसार अलग-अलग महीनों में लागू किया जाता है।

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