उत्तर प्रदेश। बसंत पंचमी के पावन पर्व को देशभर में श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। यह दिन विद्या, बुद्धि और संगीत की देवी मां सरस्वती की आराधना के लिए समर्पित माना जाता है। मान्यता है कि आज के दिन स्नान, पूजा और दान का विशेष महत्व होता है। बसंत पंचमी वसंत ऋतु के आगमन का प्रतीक भी है, जब प्रकृति में हरियाली, फूलों की बहार और नई ऊर्जा का संचार होता है।
पीले रंग की छटा में रंगा पर्व
बसंत पंचमी पर पीला रंग विशेष महत्व रखता है। लोग पीले वस्त्र धारण करते हैं, देवी मां को पीले फूल अर्पित करते हैं और पीले रंग के पकवानों जैसे हलवा, मालपुआ और मिठाइयों का भोग लगाते हैं। पीला रंग समृद्धि, सकारात्मकता और नई शुरुआत का प्रतीक माना जाता है।
राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री ने दी शुभकामनाएं
बसंत पंचमी के विशेष अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत कई प्रमुख नेताओं ने देशवासियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने इस पर्व को ज्ञान, संस्कृति और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक बताया।
प्रयागराज में संगम पर उमड़ा आस्था का सैलाब
बसंत पंचमी के पर्व पर प्रयागराज में माघ मेले के दौरान संगम क्षेत्र में जबरदस्त भीड़ देखने को मिली। प्रयागराज मेला प्राधिकरण के अनुसार, गुरुवार देर रात से ही श्रद्धालुओं का आगमन शुरू हो गया था। शुक्रवार सुबह आठ बजे तक 1.04 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं ने गंगा और संगम में पवित्र डुबकी लगाई। प्रशासन द्वारा भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।
सरयू स्नान के लिए उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़
वहीं इस शुभ अवसर पर उत्तर प्रदेश के अयोध्या में भी सरयू नदी के तट पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिल रही है। बड़ी संख्या में लोग पारंपरिक पवित्र स्नान के लिए सरयू घाट पहुंचे।

