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MP में आबकारी से कमाई 17.77% बढ़ी, वाणिज्यिक कर की रफ्तार सुस्त

भोपाल: मध्यप्रदेश में मोहन सरकार के राजस्व संग्रहण में चालू वित्तीय वर्ष के पहले छह महीनों में 11.37 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। अप्रैल से सितंबर 2026 के बीच वाणिज्यिक कर, आबकारी और पंजीयन एवं मुद्रांक विभागों ने कुल 44,711 करोड़ रुपये का राजस्व जुटाया, जबकि पिछले वित्तीय वर्ष की समान अवधि में यह आंकड़ा 40,147 करोड़ रुपये था। तीनों विभागों की कमाई में सबसे ज्यादा वृद्धि आबकारी विभाग की रही। इसके उलट, सबसे अधिक राजस्व जुटाने वाले वाणिज्यिक कर विभाग की वृद्धि दर अपेक्षाकृत धीमी रही। तीनों विभागों ने छह महीने के लिए निर्धारित 47,439 करोड़ रुपये के लक्ष्य का 94.25 प्रतिशत हासिल कर लिया है।

आबकारी विभाग की कमाई में सबसे ज्यादा उछाल

आबकारी विभाग ने अप्रैल से सितंबर के बीच 9,900 करोड़ रुपये के लक्ष्य के मुकाबले 9,769 करोड़ रुपये का राजस्व जुटाया। इस तरह विभाग ने अपने लक्ष्य का 98.68 प्रतिशत हासिल कर लिया। पिछले वित्तीय वर्ष की समान अवधि में विभाग को 8,295 करोड़ रुपये मिले थे। इस बार राजस्व संग्रहण में 17.77 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। लक्ष्य के लिहाज से भी आबकारी विभाग तीनों विभागों में सबसे आगे रहा।

वाणिज्यिक कर विभाग ने जुटाए 28,385 करोड़ रुपये

कुल राजस्व संग्रहण में वाणिज्यिक कर विभाग की हिस्सेदारी सबसे ज्यादा रही। विभाग ने छह महीने में 30,686 करोड़ रुपये के लक्ष्य के मुकाबले 28,385 करोड़ रुपये जुटाए। यह निर्धारित लक्ष्य का 92.50 प्रतिशत है।

पिछले वित्तीय वर्ष की समान अवधि में विभाग ने 26,052 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित किया था। इस बार संग्रहण में 8.96 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। तीनों विभागों की तुलना में वाणिज्यिक कर विभाग की राजस्व वृद्धि दर सबसे कम रही।

पंजीयन-मुद्रांक विभाग ने जुटाए 6,557 करोड़

पंजीयन एवं मुद्रांक विभाग ने अप्रैल से सितंबर के बीच 6,853 करोड़ रुपये के लक्ष्य के मुकाबले 6,557 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित किया। विभाग ने लक्ष्य का 95.68 प्रतिशत हासिल किया है।

पिछले वित्तीय वर्ष की समान अवधि में विभाग का राजस्व संग्रहण 5,800 करोड़ रुपये था। इस बार इसमें 13.06 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।

अप्रैल में लक्ष्य से ज्यादा वसूली, सितंबर में भी बेहतर प्रदर्शन

मासिक आंकड़ों के अनुसार, अप्रैल में तीनों विभागों का संयुक्त प्रदर्शन सबसे बेहतर रहा। इस महीने 7,411 करोड़ रुपये के लक्ष्य के मुकाबले 7,938 करोड़ रुपये का राजस्व जुटाया गया। यह लक्ष्य का 107.11 प्रतिशत है। पिछले साल अप्रैल की तुलना में राजस्व संग्रहण में 35.74 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई।

सितंबर में तीनों विभागों ने 6,936 करोड़ रुपये के लक्ष्य के मुकाबले 6,676 करोड़ रुपये जुटाए। यह निर्धारित लक्ष्य का 96.25 प्रतिशत है। पिछले साल सितंबर की तुलना में इस बार राजस्व संग्रहण 12.89 प्रतिशत अधिक रहा।

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छह महीने में लक्ष्य पूरा करने के लिए 2,728 करोड़ रुपये और जुटाने होंगे

तीनों विभागों को अप्रैल से सितंबर तक कुल 47,439 करोड़ रुपये का राजस्व जुटाने का लक्ष्य दिया गया था। इसके मुकाबले 44,711 करोड़ रुपये की वसूली हुई है। इस तरह लक्ष्य पूरा करने के लिए अभी 2,728 करोड़ रुपये और जुटाने होंगे।

वित्तीय वर्ष के छह महीने शेष हैं। ऐसे में सरकार के सामने राजस्व संग्रहण की मौजूदा रफ्तार बनाए रखने के साथ निर्धारित लक्ष्य हासिल करने की चुनौती होगी। अब तक के आंकड़ों में आबकारी विभाग की वृद्धि दर सबसे ज्यादा है, जबकि वाणिज्यिक कर विभाग राजस्व जुटाने में सबसे आगे होने के बावजूद वृद्धि दर के मामले में पीछे है।

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