पटना:बिहार में बाढ़ से 22 लाख से अधिक लोग प्रभावित हैं, जिसके चलते 190 सामुदायिक रसोई केंद्रों से 2.51 लाख लोगों को भोजन मिल रहा है। आपदा प्रबंधन विभाग राहत कार्यों में तेजी ला रहा है, जिसमें 3 राहत शिविर, नावों का संचालन और चिकित्सा शिविर शामिल हैं।
बाढ़ से 22 लाख से ज्यादा आबादी प्रभावित
राज्य में बाढ़ की वजह से 22 लाख से ज्यादा आबादी प्रभावित है। इस स्थिति से निपटने के लिए राहत और बचाव कार्यों का दायरा लगातार बढ़ाया जा रहा है।नदियों के जलस्तर में हुई वृद्धि और बाढ़ की चुनौती से निपटने की दिशा में आपदा प्रबंधन विभाग पूरी तत्परता से जुटा हुआ है। व्यापक राहत अभियानों के तहत बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में 190 सामुदायिक रसोई केंद्रों का सफल संचालन किया जा रहा है। इनके माध्यम से अब तक लगभग 2.51 लाख लोगों को भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। सरकार का स्पष्ट लक्ष्य है कि इस आपदा की घड़ी में राज्य का कोई भी प्रभावित नागरिक भूखा न रहे और हर पीड़ित तक त्वरित सहायता पहुंचे।
12 जिलों में लोगों का जनजीवन अस्त-व्यस्त
12 जिलों पटना, भोजपुर, सारण, वैशाली, भागलपुर, बेगूसराय, बक्सर, समस्तीपुर, मुंगेर, कटिहार, लखीसराय एवं अरवल के 70 प्रखंडों की 368 ग्राम पंचायतों में लगभग 22.42 लाख आबादी बाढ़ से प्रभावित हुई है।पांच सितंबर को संचालित 80 सामुदायिक रसोइयों की संख्या को बढ़ाकर रविवार को 190 कर दिया गया है। इसके अतिरिक्त तीन राहत शिविरों का भी संचालन किया जा रहा है। यहां 1631 बाढ़ शरणार्थियों के लिए आवास भोजन एवं अन्य बुनियादी सुविधाएं दी गई हैं।

