भोपाल। जंगलों को स्वच्छ रखने वाले गिद्धों की संख्या जानने के लिए मप्र में 22 से 24 मई तक विशेष ग्रीष्मकालीन गणना अभियान चलाया जाएगा। वन विभाग प्रदेशभर के वन मंडलों में गिद्धों की मौजूदगी, उनकी प्रजातियों और स्थिति का आकलन करेगा। इस अभियान को लेकर प्रधान मुख्य वन संरक्षक ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए हैं।
कान्हा टाइगर रिजर्व में यह गणना कोर और बफर दोनों क्षेत्रों में की जाएगी। इसके साथ ही अभयारण्य से जुड़े सभी 13 वन परिक्षेत्रों में भी सर्वे होगा। खास बात यह है कि इस बार वनकर्मी ‘गरूण डिजिटल’ मोबाइल ऐप के जरिए मौके पर ही गिद्धों का डेटा दर्ज करेंगे। साथ ही फील्ड स्टाफ मैनुअल रिकॉर्ड भी तैयार करेगा, ताकि आंकड़ों की दोहरी पुष्टि हो सके। कान्हा टाइगर रिजर्व के एसडीओ आशीष पांडे के अनुसार गिद्ध पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में बेहद अहम भूमिका निभाते हैं। ये मृत पशुओं को खाकर जंगलों और आसपास के क्षेत्रों को संक्रमण एवं गंदगी से बचाते हैं। यदि गिद्धों की संख्या घटती है तो जंगलों में मृत जानवरों के अवशेष बढ़ने लगते हैं, जिससे बीमारियों का खतरा भी बढ़ सकता है।
क्यों हो रही यह गिनती ?
वन विभाग के मुताबिक इसी वर्ष फरवरी 2026 में हुई शीतकालीन गिद्ध गणना में कान्हा क्षेत्र में 224 गिद्ध दर्ज किए गए थे। अब ग्रीष्मकालीन सर्वे के जरिए यह जानने की कोशिश होगी कि मौसम बदलने के साथ उनकी संख्या और गतिविधियों में कितना बदलाव आया है।

