अयोध्या: श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट द्वारा पहली बार राम मंदिर के लिए मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) नियुक्त किए जाने की प्रक्रिया शुरू होते ही देशभर से जबरदस्त प्रतिक्रिया देखने को मिली है। इस प्रतिष्ठित पद के लिए अब तक 1000 से अधिक आवेदन प्राप्त हो चुके हैं। खास बात यह है कि इस दौड़ में सबसे अधिक संख्या सेवानिवृत्त IAS, IPS और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों की है। वहीं, पूर्व IPS अधिकारी अमिताभ ठाकु ने भी इस पद के लिए आवेदन कर अपनी दावेदारी पेश की है।
बता दें भर्ती का नोटिफिकेशन जारी होने के महज 24 घंटे के भीतर ही ट्रस्ट के आधिकारिक ईमेल पर आवेदनों की बाढ़ आ गई। बड़ी संख्या में प्राप्त आवेदनों की जांच और पात्र उम्मीदवारों की प्रारंभिक छंटनी के लिए चयन समिति ने एक सचिव नियुक्त करने का फैसला लिया है।
पहली बार होगी राम मंदिर में CEO की नियुक्ति
राम मंदिर के इतिहास में यह पहला अवसर होगा जब मंदिर के प्रशासनिक संचालन के लिए मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) की नियुक्ति की जाएगी। ट्रस्ट का उद्देश्य मंदिर के प्रशासन, वित्तीय प्रबंधन, सुरक्षा व्यवस्था और श्रद्धालुओं की सुविधाओं को और अधिक व्यवस्थित, पारदर्शी एवं पेशेवर बनाना है।
पूर्व IPS अमिताभ ठाकुर ने भी ठोकी ताल
सीईओ पद की दौड़ में कई चर्चित नाम सामने आए हैं। इनमें पूर्व IPS अधिकारी और सामाजिक कार्यकर्ता अमिताभ ठाकुर भी शामिल हैं। 58 वर्षीय ठाकुर ने सार्वजनिक रूप से पुष्टि की है कि उन्होंने इस पद के लिए आधिकारिक आवेदन किया है। उनके अलावा कई सेवानिवृत्त वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी भी इस प्रतिष्ठित पद के लिए अपनी दावेदारी पेश कर चुके हैं।
रिटायर्ड अधिकारियों का सबसे ज्यादा दबदबा
ट्रस्ट को प्राप्त आवेदनों में सबसे बड़ी संख्या सेवानिवृत्त अधिकारियों की है। इससे स्पष्ट है कि अनुभवी प्रशासनिक अधिकारी इस महत्वपूर्ण धार्मिक और प्रशासनिक जिम्मेदारी को संभालने में विशेष रुचि दिखा रहे हैं। बड़ी संख्या में वरिष्ठ अधिकारियों का आवेदन इस पद की प्रतिष्ठा और महत्व को भी दर्शाता है।
महासचिव के प्रति जवाबदेह होगा CEO
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अनुसार, नियुक्त होने वाला CEO सीधे ट्रस्ट के महासचिव को रिपोर्ट करेगा। मंदिर से जुड़े प्रशासनिक, वैधानिक और वित्तीय कार्यों के साथ-साथ कर्मचारियों के संचालन, श्रद्धालुओं की व्यवस्थाओं और ट्रस्ट द्वारा सौंपे गए अन्य दायित्वों की जिम्मेदारी भी उसी के पास होगी।
क्या है पात्रता ?
इस पद के लिए उम्मीदवार की आयु 50 से 70 वर्ष के बीच होना अनिवार्य है। साथ ही किसी बड़े संस्थान, विभाग, संगठन या कंपनी में कम से कम 20 वर्ष का प्रबंधकीय अनुभव होना चाहिए। उम्मीदवार का हिंदू, वैष्णव और भगवान श्रीराम का भक्त होना भी आवश्यक है। मंदिर प्रबंधन का अनुभव रखने वाले उम्मीदवारों को चयन प्रक्रिया में प्राथमिकता दी जाएगी।
दान विवाद के बाद बढ़ा पद का महत्व
हाल ही में राम मंदिर के चढ़ावे को लेकर उठे विवाद के बाद ट्रस्ट प्रशासनिक व्यवस्था को और अधिक मजबूत और पारदर्शी बनाने की दिशा में कदम उठा रहा है। ऐसे में CEO की नियुक्ति को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। नए अधिकारी से वित्तीय पारदर्शिता, बेहतर प्रशासन, सुरक्षा व्यवस्था और श्रद्धालुओं को उत्कृष्ट सुविधाएं उपलब्ध कराने की अपेक्षा की जा रही है।
18 जुलाई तक आवेदन, 19 से शुरू होगी चयन प्रक्रिया
सीईओ पद के लिए आवेदन की अंतिम तिथि 18 जुलाई निर्धारित की गई है। इसके बाद 19 जुलाई से चयन समिति उम्मीदवारों की स्क्रीनिंग और साक्षात्कार शुरू करेगी। वरिष्ठ उम्मीदवारों की सुविधा को देखते हुए ऑनलाइन इंटरव्यू की व्यवस्था भी की जा सकती है।
इसके बाद 22 जुलाई को अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की महत्वपूर्ण बैठक होगी, जिसमें चयन प्रक्रिया की समीक्षा के साथ आंतरिक समितियों के पुनर्गठन और कुछ नए ट्रस्टियों की नियुक्ति पर भी विचार किया जा सकता है। ट्रस्ट का लक्ष्य एक महीने के भीतर पूरी पारदर्शिता और योग्यता के आधार पर तीन सर्वश्रेष्ठ उम्मीदवारों के नाम अंतिम चयन के लिए प्रस्तावित करना है।

