लांजी ; संयुक्त क्रांति पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व विधायक किशोर समरीते ने केंद्र और राज्य सरकार के उच्च पदाधिकारियों को गुमराह कर पुरस्कार हासिल करने के आरोप में मध्य प्रदेश के खंडवा और बालाघाट जिलों के वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कैबिनेट सचिव, भारत सरकार को एक पत्र लिखकर खंडवा जिले के कलेक्टर तथा जिला पंचायत मुख्य कार्यपालन अधिकारी और बालाघाट जिले के जिला पंचायत सीईओ अभिषेक सराफ को तत्काल निलंबित करने तथा सीबीआई जांच कराने की मांग की है।
साथ ही इन्होने आरोप लगाया है कि जल शक्ति मंत्रालय के जल जीवन मिशन के तहत चलाई गई खेत-तालाब योजना (जिसे जल गंगा संवर्धन अभियान के नाम से भी जाना जाता है) में बिना वास्तविक कार्य किए फर्जी दस्तावेज और एआई जनरेटेड फोटोग्राफ्स का इस्तेमाल कर पुरस्कार प्राप्त किए गए।

खंडवा जिले में राष्ट्रपति पुरस्कार का विवाद;
खंडवा जिले को राष्ट्रीय जल पुरस्कार (6th National Water Awards) में देश में प्रथम स्थान मिला था, जिसे नवंबर 2025 में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से प्राप्त किया गया। पूर्व विधायक के अनुसार, कलेक्टर और जिला पंचायत सीईओ ने बिना वास्तविक कार्य के एआई से बनी फोटोज राष्ट्रपति सचिवालय को भेजकर महामहिम राष्ट्रपति को गुमराह किया।
जांच की मांग और पत्र की प्रतियां;
पूर्व विधायक ने इसे “अत्यंत गंभीर मामला” बताते हुए सीबीआई जांच की मांग की है। पत्र की प्रतियां निम्नलिखित को भेजी गई हैं:महामहिम राष्ट्रपति, राष्ट्रपति भवन, नई दिल्ली
महामहिम राज्यपाल, राजभवन, भोपाल
मुख्य सचिव, मध्य प्रदेश शासन, भोपाल
प्रमुख सचिव, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, भोपाल
निदेशक, केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई), नई दिल्ली

