दमिश्क: सीरिया की एक अदालत ने मंगलवार को पूर्व राष्ट्रपति बशर अल-असद, उनके छोटे भाई माहेर अल-असद और ममेरे भाई अतीफ नजीब को फांसी की सजा सुनाई। तीनों को गृहयुद्ध के दौरान हत्या और गंभीर मानवाधिकार उल्लंघनों के मामलों में दोषी ठहराया गया है। बशर और माहेर दिसंबर 2024 में सरकार गिरने के बाद रूस चले गए थे। दोनों की गैरमौजूदगी में अदालत ने फैसला सुनाया।
ममेरे भाई अतीफ को पिंजरे में कोर्ट लाया गया
अदालत में अतीफ नजीब को कैदी की वर्दी पहनाकर पिंजरे के अंदर पेश किया गया। उन्हें जनवरी 2025 में गिरफ्तार किया गया था। अतीफ उस समय सीरियाई सेना में ब्रिगेडियर जनरल और दारा प्रांत में राजनीतिक सुरक्षा शाखा के प्रमुख थे।
प्रदर्शनकारियों पर सख्ती के आदेश का आरोप
अतीफ नजीब पर 2011 में दारा में सरकार विरोधी प्रदर्शनकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के आदेश देने का आरोप है। इसके बाद विरोध प्रदर्शन तेजी से बढ़ा और सीरिया गृहयुद्ध की चपेट में आ गया। 2011 से 2024 तक चले संघर्ष में करीब पांच लाख लोगों की मौत का अनुमान है।
53 साल बाद खत्म हुआ असद परिवार का शासन
दिसंबर 2024 में विद्रोहियों ने दमिश्क पर कब्जा कर बशर अल-असद की सरकार गिरा दी थी। इसके साथ ही 1971 से चले आ रहे असद परिवार के करीब 53 साल पुराने शासन का अंत हुआ। सरकार गिरने से पहले बशर देश छोड़कर रूस चले गए थे। इसके बाद विद्रोही नेता अहमद अल-शरा के नेतृत्व में नई सरकार बनी, जिसने असद शासन के दौरान हुए अत्याचारों और हत्याओं की जांच शुरू की।
असद के खिलाफ पहला आपराधिक फैसला
बशर अल-असद के खिलाफ किसी आपराधिक मामले में यह पहला फैसला बताया जा रहा है। अदालत ने गृहयुद्ध के दौरान हुए गंभीर अपराधों के लिए उन्हें जिम्मेदार ठहराते हुए फांसी की सजा सुनाई है।

