नई दिल्ली: जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने के लिए अब लोगों को सरकारी कार्यालयों के बार-बार चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। नई दिल्ली नगरपालिका परिषद (NDMC) ने नागरिकों की सुविधा के लिए जन्म और मृत्यु पंजीकरण की प्रक्रिया को पूरी तरह ऑनलाइन और पेपरलेस बनाने की पहल की है। इसके तहत लोग घर बैठे प्रमाण पत्र के लिए आवेदन कर सकेंगे और जरूरी दस्तावेज सही होने पर डिजिटल माध्यम से प्रमाण पत्र भी प्राप्त कर सकेंगे।
एनडीएमसी ने इस सुविधा के साथ दो अन्य योजनाओं की भी शुरुआत की है। इनमें पालतू पशुओं के लिए ऑनलाइन स्वास्थ्य सेवाएं और सार्वजनिक शौचालयों की बेहतर निगरानी की व्यवस्था शामिल है।
पालिका केंद्र में तीन नई सुविधाओं की शुरुआत
एनडीएमसी अध्यक्ष मनोज कुमार द्विवेदी ने पालिका केंद्र में आयोजित कार्यक्रम के दौरान इन तीन नई पहलों का शुभारंभ किया। इस मौके पर उपाध्यक्ष कुलजीत सिंह चहल, परिषद सदस्य डी.पी. सिंह, सरिता तोमर, अनिल वाल्मीकि और वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
इन योजनाओं का मुख्य उद्देश्य सरकारी सेवाओं को आम लोगों के लिए आसान बनाना, समय की बचत करना और प्रशासनिक कामकाज में पारदर्शिता लाना है।
घर बैठे होगा जन्म और मृत्यु का पंजीकरण
नई ऑनलाइन व्यवस्था के तहत नागरिक जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने के साथ उनमें सुधार के लिए भी आवेदन कर सकेंगे। जन्म प्रमाण पत्र में बच्चे का नाम जोड़ने, घर पर हुए जन्म या मृत्यु का पंजीकरण कराने और देरी से पंजीकरण कराने की सुविधा भी ऑनलाइन उपलब्ध कराई गई है।
एनडीएमसी अध्यक्ष मनोज कुमार द्विवेदी ने कहा कि नागरिकों को बुनियादी सेवाओं के लिए बार-बार सरकारी दफ्तर नहीं जाना पड़े, इसी उद्देश्य से डिजिटल व्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है। नई प्रणाली में अस्पतालों से जन्म और मृत्यु से संबंधित जानकारी सीधे डिजिटल माध्यम से एनडीएमसी को भेजी जाएगी। इससे कागजी दस्तावेज जमा करने की जरूरत कम होगी और प्रमाण पत्र जारी करने की प्रक्रिया में तेजी आएगी।
पालतू पशुओं के लिए भी शुरू हुई ऑनलाइन सेवा
एनडीएमसी ने सरकारी पशु चिकित्सालय की सेवाओं को भी डिजिटल बनाने की पहल की है। अब पालतू पशुओं के मालिक ऑनलाइन पंजीकरण कराने के साथ इलाज और टीकाकरण के लिए अपॉइंटमेंट बुक कर सकेंगे।
इस प्लेटफॉर्म पर टीकाकरण की तारीख याद दिलाने के लिए रिमाइंडर, डिजिटल टीकाकरण प्रमाण पत्र, स्वास्थ्य संबंधी रिकॉर्ड और ऑनलाइन भुगतान जैसी सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इससे पशु मालिकों को छोटी-छोटी जरूरतों के लिए अस्पताल जाने की परेशानी कम होगी। साथ ही पालतू पशुओं के इलाज और टीकाकरण का पूरा रिकॉर्ड डिजिटल रूप में सुरक्षित रखा जा सकेगा।
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346 सार्वजनिक शौचालयों की होगी नियमित निगरानी
एनडीएमसी ने सार्वजनिक स्वच्छता को बेहतर बनाने के लिए भी नई व्यवस्था शुरू की है। इसके तहत परिषद क्षेत्र के 346 सार्वजनिक शौचालयों की निगरानी की जिम्मेदारी वरिष्ठ अधिकारियों और परिषद सदस्यों को सौंपी जाएगी।अधिकारी इन शौचालयों की साफ-सफाई, रखरखाव और उपलब्ध सुविधाओं की नियमित जांच करेंगे। जहां कमियां मिलेंगी, वहां सुधार के लिए जरूरी कदम उठाए जाएंगे।

