किरनापुर: मध्यप्रदेश के बालाघाट जिले के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल गोदरी जलप्रपात को लेकर प्रशासन ने बड़ा फैसला लिया है। लगातार हो रही बारिश और जलप्रपात में तेजी से बढ़ रहे जलस्तर को देखते हुए किरनापुर के अनुविभागीय दंडाधिकारी (SDM) एवं अनुविभागीय मजिस्ट्रेट (राजस्व) आदित्य नारायण तिवारी ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS), 2023 की धारा 163 के तहत प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किया है। आदेश के बाद अब गोदरी जलप्रपात क्षेत्र में आम नागरिकों, पर्यटकों और पिकनिक मनाने आने वाले लोगों के प्रवेश पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है।
प्रशासन द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि पिछले कुछ दिनों से क्षेत्र में लगातार बारिश हो रही है। इसके कारण गोदरी जलप्रपात का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है और तेज बहाव के चलते दुर्घटनाओं की आशंका भी बढ़ गई है। बारिश के मौसम में बड़ी संख्या में पर्यटक जलप्रपात देखने और पिकनिक मनाने पहुंचते हैं। कई लोग खतरनाक चट्टानों पर चढ़कर फोटो और सेल्फी लेते हैं, जिससे उनकी जान को गंभीर खतरा रहता है। इसी को देखते हुए किसी भी अप्रिय घटना को रोकने और जनहानि से बचाने के उद्देश्य से यह प्रतिबंध लगाया गया है।
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आदेश के अनुसार, जलप्रपात से लगभग 1000 मीटर के दायरे को प्रतिबंधित क्षेत्र घोषित किया गया है। इस क्षेत्र में किसी भी व्यक्ति या समूह के प्रवेश पर पूरी तरह रोक रहेगी। इसके साथ ही पिकनिक मनाना, वाहन खड़ा करना, शराब का सेवन करना, जलप्रपात के आसपास घूमना तथा फोटो और सेल्फी लेना भी पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा।
प्रशासन ने पुलिस, राजस्व, वन विभाग, ग्राम पंचायत तथा अन्य संबंधित विभागों को संयुक्त रूप से सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने, बैरिकेडिंग लगाने, चेतावनी बोर्ड स्थापित करने और पूरे क्षेत्र में लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों को यह भी सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है कि कोई भी व्यक्ति प्रतिबंधित क्षेत्र में प्रवेश न कर सके।
आदेश में स्पष्ट किया गया है कि यह प्रतिबंध 27 जुलाई 2026 से तत्काल प्रभाव से लागू होगा और एक माह अथवा मानसून समाप्त होने तक प्रभावी रहेगा। यदि परिस्थितियों में सुधार नहीं होता है, तो प्रशासन आवश्यकता के अनुसार प्रतिबंध की अवधि बढ़ा सकता है।
SDM आदित्य नारायण तिवारी ने आम नागरिकों और पर्यटकों से अपील की है कि वे अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन के निर्देशों का पालन करें तथा प्रतिबंधित क्षेत्र में जाने का प्रयास न करें। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि आदेश का उल्लंघन करने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) एवं अन्य लागू कानूनी प्रावधानों के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।

