बालाघाट। संयुक्त क्रांति पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व विधायक किशोर समरीते ने सोने और चांदी की लगातार बढ़ती कीमतों को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि देश में महंगाई नियंत्रण पूरी तरह विफल हो चुका है और सरकार की निष्क्रियता के कारण मुथुट फाइनेंस तथा लाखों साहूकार आम जनता को खुलेआम लूट रहे हैं।
किशोर समरीते ने जारी बयान में कहा कि- अमेरिका के टैरिफ का बहाना बनाकर मुथुट फाइनेंस और देशभर के करीब पांच लाख साहूकारों ने हजारों टन गिरवी रखा सोना और चांदी बिना किसी पूर्व सूचना के बाजार में बेचना शुरू कर दिया, जिससे कीमतों में कृत्रिम बढ़ोतरी हुई। उन्होंने इसे देश की आर्थिक संप्रभुता पर सीधा हमला बताया।
पूर्व विधायक ने आरोप लगाया कि वित्त मंत्री मूल्य वृद्धि रोकने में पूरी तरह असफल साबित हुई हैं। सरकार की नाकामी का खामियाजा आम नागरिक भुगत रहा है, जिसकी शादी, इलाज और जीवन भर की जमा पूंजी महंगाई की भेंट चढ़ रही है, जबकि कॉरपोरेट और साहूकार मालामाल हो रहे हैं।
समरीते ने बताया कि मध्यप्रदेश में मुथुट फाइनेंस की लगभग 10 हजार शाखाएं संचालित हैं और करीब 27 हजार साहूकारों के लाइसेंस संदेह के घेरे में हैं, इसके बावजूद प्रशासन आंखें मूंदे बैठा है। उन्होंने कलेक्टर से मांग की कि मुथुट फाइनेंस में गिरवी रखे गए सोने और चांदी की तत्काल जांच कराई जाए तथा दोषियों के खिलाफ आपराधिक प्रकरण दर्ज किए जाएं।
समरीते ने आरोप लगाया कि एक सुनियोजित साजिश के तहत सोने और चांदी की कीमतें बढ़ाकर बाजार में अराजकता फैलाई जा रही है। उन्होंने मांग की कि सरकार तत्काल हस्तक्षेप कर 10 ग्राम सोने का मूल्य 20 हजार रुपये और 10 ग्राम चांदी का मूल्य 240 रुपये निर्धारित करे, और इससे अधिक दर पर बिक्री करने वालों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जाए।
उन्होंने यह भी कहा कि सोना-चांदी की दुकानों में मूल्य सूची और गिरवी रजिस्टर की नियमित जांच नहीं होना प्रशासनिक मिलीभगत की ओर इशारा करता है।


