भोपाल। टीटी नगर के दशहरा मैदान में आयोजित संविदा कर्मचारी-अधिकारी सम्मेलन में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने संविदा कर्मियों को कई बड़ी राहतें देने की घोषणा की। सम्मेलन में संविलियन, नीति क्रियान्वयन और सुरक्षा से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णय शामिल रहे।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने संबोधन में कहा कि- राज्य की जनकल्याणकारी योजनाओं को धरातल पर सफलतापूर्वक लागू करने में संविदा कर्मियों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही है। उन्होंने कहा कि सेवा पद से बड़ी होती है और संविदा कर्मचारी केवल कार्यबल नहीं, बल्कि राज्य सरकार का आत्मबल हैं। मुख्यमंत्री ने संविदा कर्मियों की तुलना हनुमान जी की निष्ठा और समर्पण से करते हुए उनके योगदान की सराहना की।
मुख्यमंत्री ने 10 वर्षों से अधिक अनुभव वाले संविदा कर्मियों के नियमित पदों पर संविलियन की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की घोषणा की। साथ ही संविदा नीति 2023 को सभी विभागों, निगमों और राज्य पोषित परियोजनाओं में अक्षरशः लागू करने के निर्देश दिए। नीति के तहत एनपीएस, स्वास्थ्य बीमा, अनुकंपा नियुक्ति, ग्रेच्युटी और अन्य लाभ सभी योजनाओं में लागू किए जाएंगे।
इसके अतिरिक्त, विभिन्न विभागों में संविदा कर्मियों की समकक्षता से जुड़ी विसंगतियों को दूर करने के लिए एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया जाएगा, जिसमें संविदा प्रतिनिधियों को भी शामिल किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया कि नियम, न्याय और वित्तीय संतुलन के दायरे में रहकर संविदा कर्मियों की सभी उचित मांगों का समाधान किया जाएगा।


