नई दिल्ली: घरेलू सर्राफा बाजार में गुरुवार 16 जुलाई को सोने की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई, जबकि चांदी महंगी हो गई। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार, 10 ग्राम 24 कैरेट सोना ₹189 सस्ता होकर ₹1.42 लाख पर पहुंच गया। वहीं, एक किलो चांदी ₹680 महंगी होकर ₹2.20 लाख प्रति किलो के स्तर पर कारोबार कर रही है।
इस साल कितना बदला सोने-चांदी का भाव?
साल 2026 में सोने की कीमतों में अब तक करीब ₹9,000 की बढ़ोतरी हो चुकी है। 31 दिसंबर 2025 को 10 ग्राम 24 कैरेट सोने की कीमत करीब ₹1.33 लाख थी, जो अब बढ़कर ₹1.42 लाख के स्तर पर पहुंच गई है।
दूसरी ओर, चांदी की कीमत में इस साल अब तक करीब ₹10,000 की गिरावट दर्ज की गई है। वर्ष 2025 के अंत में चांदी ₹2.30 लाख प्रति किलो थी, जो फिलहाल ₹2.20 लाख प्रति किलो पर कारोबार कर रही है।
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इस साल रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचे थे दाम
कीमतों में उतार-चढ़ाव के बीच इस वर्ष 29 जनवरी को सोने और चांदी दोनों ने रिकॉर्ड स्तर छुआ था। उस दिन सोना ₹1.76 लाख प्रति 10 ग्राम और चांदी ₹3.86 लाख प्रति किलो के ऑलटाइम हाई पर पहुंच गई थी।
सोने-चांदी के दाम क्यों गिरे?
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार कीमतों में गिरावट के पीछे कई प्रमुख कारण हैं—
अमेरिकी डॉलर की मजबूती: फेडरल रिजर्व के संकेतों के बाद डॉलर इंडेक्स मजबूत हुआ है। डॉलर मजबूत होने पर आमतौर पर सोने और चांदी की अंतरराष्ट्रीय कीमतों पर दबाव आता है।
मुनाफावसूली: रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंचने के बाद बड़े निवेशकों और ट्रेडर्स ने मुनाफावसूली की, जिससे कीमतों में नरमी आई।
निवेशकों के लिए क्या है सलाह?
कमोडिटी एक्सपर्ट अजय केडिया का कहना है, कि सोने और चांदी की कीमतें अपने उच्चतम स्तर से नीचे आ चुकी हैं, इसलिए निवेश के अवसर बन रहे हैं। हालांकि, उन्होंने सलाह दी है, कि एकमुश्त निवेश करने के बजाय चरणबद्ध SIP या किस्तों में निवेश करना बेहतर रहेगा।
उनके अनुमान के मुताबिक, यदि बाजार का रुख अनुकूल रहा तो साल के अंत तक सोना ₹1.60 लाख प्रति 10 ग्राम और चांदी ₹2.80 लाख प्रति किलो तक पहुंच सकती है।

