नई दिल्ली। भारत मंडपम में आयोजित एआई इम्पैक्ट समिट के दौरान एक बड़ी घोषणा की गई। सुंदर पिचाई ने बताया कि गूगल और देश के प्रमुख सरकारी अस्पताल AIIMS के बीच नई टेक्नोलॉजी साझेदारी शुरू की जा रही है। इस पहल का उद्देश्य आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के जरिए हेल्थकेयर सिस्टम को अधिक सक्षम, तेज और डेटा-आधारित बनाना है।
मेडिकल रिपोर्टिंग में एआई का इस्तेमाल
पिचाई ने स्पष्ट किया कि इस सहयोग के तहत एआई आधारित टूल्स मरीजों की मेडिकल रिपोर्ट तैयार करने, जांच परिणामों का विश्लेषण करने और डॉक्टरों को क्लिनिकल निर्णय लेने में सहयोग देने का काम करेंगे। यह परियोजना फिलहाल शुरुआती चरण में है, लेकिन इसका लक्ष्य अस्पतालों के वर्कफ्लो को स्मार्ट और अधिक कुशल बनाना है। इससे इलाज की प्रक्रिया में लगने वाला समय कम होगा और मरीजों को बेहतर सेवाएं मिल सकेंगी।
एआई का बहुआयामी उपयोग
साथ ही पिचाई ने कहा कि एआई सिर्फ हेल्थ सेक्टर तक सीमित नहीं रहेगा। शिक्षा, कृषि, प्रशासन और भाषा समर्थन जैसे क्षेत्रों में भी एआई समाधान विकसित किए जा सकते हैं। उदाहरण के तौर पर, एआई यह समझने में मदद कर सकता है कि छात्रों के लिए किस तरह की पढ़ाई अधिक प्रभावी है या सरकारी सेवाओं को नागरिकों तक कैसे तेज़ी से पहुंचाया जाए।
पीएम मोदी से मुलाकात
जानकारी अनुसार, समिट से पहले सुंदर पिचाई ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। इस बैठक में भारत में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के विस्तार और टेक्नोलॉजी सहयोग को मजबूत करने पर विचार-विमर्श हुआ। वहीं पीएम मोदी ने कहा कि भारत में एआई नवाचार तेज़ी से आगे बढ़ रहा है और वैश्विक टेक कंपनियों के साथ साझेदारी से देश को नई संभावनाएं मिलेंगी।

