बालाघाट। मध्य प्रदेश के बालाघाट शहर के कमला नेहरू सभागार में आज मध्य प्रदेश बैंक मित्र संगठन, बालाघाट द्वारा वार्षिक महासम्मेलन का भव्य आयोजन किया गया। जिले भर से सैकड़ों बैंक मित्र (बिजनेस कॉरेस्पॉन्डेंट्स) बड़ी संख्या में शामिल हुए। कार्यक्रम की शुरुआत विधिवत पूजा-अर्चना से की गई ।
मुख्य अतिथि ने समस्याओं को गंभीर बताया
सम्मेलन में पिछड़ा वर्ग आयोग की सदस्य श्रीमती मौसम हरिनखेडे मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। संगठन पदाधिकारियों ने उन्हें पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया। हरिनखेडे ने बैंक मित्रों की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए आश्वासन दिया कि वे इन मांगों को संबंधित मंचों तक पहुंचाएंगी और त्वरित समाधान के लिए प्रयास करेंगी। उन्होंने बैंक मित्रों के ग्रामीण भारत में योगदान की सराहना की और कहा कि उनकी उपेक्षा उचित नहीं है।
बैंक मित्रों की आर्थिक तंगी पर चिंता
संगठन पदाधिकारियों ने सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि- बैंक मित्र देश की वित्तीय समावेशन नीति की रीढ़ हैं, लेकिन वे गंभीर आर्थिक संकट, अस्थिर आय और शोषणकारी व्यवस्था का शिकार हैं। बार-बार आरबीआई भोपाल कार्यालय को पत्र लिखने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई, जिससे उन्हें शांतिपूर्ण आंदोलन का सहारा लेना पड़ा।
वक्ताओं ने जोर दिया कि बैंक मित्र ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में AEPS, खाता खोलना, जमा-निकासी, पासबुक प्रिंटिंग और बीमा जैसी सेवाएं घर-घर पहुंचा रहे हैं, फिर भी उन्हें स्थायी आय या सामाजिक सुरक्षा नहीं मिल रही।
16 सूत्रीय मांग पत्र सौंपा
सम्मेलन में मुख्य अतिथि को बैंक मित्रों की 16 प्रमुख मांगों का ज्ञापन सौंपा गया। जिसमें से प्रमुख मांगें इस प्रकार हैं-
- ठेकेदारी प्रथा खत्म कर सीधे बैंक से जोड़ना, न्यूनतम फिक्स वेतन और कमीशन ₹500 प्रति लाख करना
- ₹10 लाख का समूह बीमा, बीमा बिक्री का दबाव हटाना, जीएसटी-टीडीएस से छूट और पीएफ सुविधा,कियोस्क संचालन खर्च की प्रतिपूर्ति
- बंद आईडी का पुनर्स्थापन, 10 वर्ष से अधिक सेवा वाले बैंक मित्रों को बैंक भर्ती में आरक्षण, आरबीआई द्वारा स्थायी समिति गठन
- प्राइवेट कंपनियों की AEPS आईडी बिक्री पर रोक, निश्चित कार्य घंटे और अतिरिक्त कार्य का भुगतान, सर्वर डाउनटाइम का मुआवजा
- सभी CSPs के लिए OD खाते की सुविधा, एक क्षेत्र-एक कियोस्क नीत,दोहरे बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण की बाध्यता खत्म
- औसत बैलेंस कमीशन और रिकवरी की वार्षिक व्यवस्था


