नई दिल्ली। देश के करोड़ों राशन कार्ड धारकों के लिए केंद्र सरकार अंत्योदय अन्न योजना (AAY) के तहत मुफ्त राशन वितरण प्रणाली में बड़ा बदलाव करने की तैयारी कर रही है। प्रस्तावित संशोधन के अनुसार अब राशन परिवार के आधार पर नहीं, बल्कि प्रति व्यक्ति 7 किलो अनाज के हिसाब से दिया जा सकता है। सरकार का कहना है कि मौजूदा व्यवस्था में परिवारों के आकार के कारण असमानता पैदा हो रही है। नए नियम लागू होने पर बड़े परिवारों को ज्यादा लाभ मिलेगा और राशन वितरण अधिक न्यायसंगत बन सकेगा।
क्या है वर्तमान नियम?
बता दें अंत्योदय अन्न योजना के तहत पात्र परिवारों को हर महीने 35 किलो अनाज दिया जाता है। परिवार में 2 सदस्य हों या 8 सदस्य, सभी को समान 35 किलो राशन मिलता है। यही व्यवस्था अब बदलाव के दौर से गुजर रही है।
नए प्रस्ताव में क्या बदलेगा?
खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग द्वारा तैयार किए गए प्रस्तावित ड्राफ्ट के अनुसार अंत्योदय अन्न योजना (AAY) के तहत राशन वितरण की व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया जा सकता है। नए प्रस्ताव के मुताबिक अब राशन परिवार के बजाय प्रति व्यक्ति आधार पर वितरित किया जाएगा और प्रत्येक पात्र सदस्य को हर महीने 7 किलो अनाज देने का प्रावधान होगा। हालांकि सरकार ने अधिकतम सीमा 35 किलो तय रखने का प्रस्ताव रखा है। यानी यदि किसी परिवार में 5 सदस्य हैं तो उसे 35 किलो राशन मिलेगा, जबकि 5 से अधिक सदस्य होने पर भी परिवार को अधिकतम 35 किलो अनाज ही दिया जाएगा। वहीं 5 से कम सदस्यों वाले परिवारों को उनकी सदस्य संख्या के अनुसार 7 किलो प्रति व्यक्ति के हिसाब से राशन मिलेगा। सरकार का मानना है कि इस बदलाव से राशन वितरण प्रणाली को अधिक पारदर्शी और जरूरतमंद परिवारों के लिए संतुलित बनाया जा सकेगा।
सरकार बदलाव क्यों करना चाहती है?
खाद्य मंत्रालय के अनुसार, मौजूदा परिवार-आधारित व्यवस्था का उद्देश्य सबसे गरीब परिवारों को सुरक्षा देना था, लेकिन समय के साथ यह मॉडल असमानता का कारण बन गया। एक छोटे परिवार और बड़े परिवार को समान राशन मिलने से वास्तविक जरूरतमंद परिवारों को नुकसान हो रहा है। इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार नया मॉडल लागू करने पर विचार कर रही है।
अभी अंतिम फैसला नहीं
सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह फिलहाल सिर्फ एक ड्राफ्ट प्रस्ताव है। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा (संशोधन) विधेयक 2026 पर आम जनता, विशेषज्ञों और संबंधित पक्षों से सुझाव मांगे गए हैं। जिसकी अंतिम तारीख 13 जुलाई 2026 तय की गई है। इसके बाद प्राप्त सुझावों के आधार पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।

