Thursday, October 8, 2026
Contact: +91 97559 93555
Email: tathyawani@gmail.com
spot_img
HomeबिजनेसGST Council Meeting: रिफंड से पंजीकरण तक बदलेंगे जीएसटी के नियम

GST Council Meeting: रिफंड से पंजीकरण तक बदलेंगे जीएसटी के नियम

नई दिल्ली। जीएसटी से जुड़े नियमों को आसान बनाने की दिशा में सरकार कई अहम बदलावों पर विचार कर रही है। गुरुवार को होने वाली GST Council Meeting में रिफंड, जीएसटी पंजीकरण, रिटर्न दाखिल करने और इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) से जुड़े प्रस्तावों पर चर्चा हो सकती है। बैठक की अध्यक्षता केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण करेंगी।

ITC के नियमों में मिल सकती है राहत

सूत्रों के मुताबिक, जीएसटी काउंसिल इनपुट टैक्स क्रेडिट से जुड़ी मौजूदा पाबंदियों में कुछ राहत देने पर विचार कर सकती है। सामान्य कारोबारी खर्चों को भी आईटीसी के दायरे में शामिल करने का प्रस्ताव है। अगर इसे मंजूरी मिलती है तो कारोबारियों को नियमित व्यावसायिक खर्चों पर चुकाए गए जीएसटी का क्रेडिट लेने में राहत मिल सकती है।

एक राज्य में GST Registration से पूरे देश में कारोबार

जीएसटी पंजीकरण को लेकर भी बड़ा बदलाव प्रस्तावित है। इसके तहत कारोबारियों को एक ही राज्य में जीएसटी पंजीकरण कराकर देशभर में कारोबार करने की अनुमति देने पर विचार किया जा सकता है। इससे कई राज्यों में कारोबार करने वाले व्यवसायों के लिए अनुपालन संबंधी प्रक्रिया आसान हो सकती है।

सरकार के मुताबिक, फिलहाल करीब 61 फीसदी करदाताओं का पंजीकरण बिना अधिकारी के हस्तक्षेप के तीन कार्यदिवस के भीतर किया जा रहा है। प्रस्तावित बदलावों का उद्देश्य पंजीकरण प्रक्रिया को और सरल बनाना है।

GST Return भरने की प्रक्रिया होगी आसान

रिटर्न दाखिल करने की व्यवस्था में भी बदलाव का प्रस्ताव है। नई व्यवस्था में कोशिश होगी कि रिटर्न में होने वाले संबंधित बदलाव खरीदार के लेजर में स्वत: दर्ज हो जाएं। इसके अलावा एक निर्धारित सीमा से कम के मामलों में नोटिस जारी करने की जरूरत खत्म करने का प्रस्ताव भी विचाराधीन हो सकता है।

Refund का दायरा बढ़ाने की तैयारी

जीएसटी रिफंड के नियमों में भी महत्वपूर्ण बदलाव संभव है। प्रस्ताव के तहत सेवाओं के साथ-साथ संयंत्र और मशीनरी पर चुकाए गए कर को भी रिफंड के दायरे में लाने पर विचार किया जा सकता है। इससे सेवा क्षेत्र और पूंजीगत निवेश करने वाले कारोबारियों को राहत मिल सकती है।

कारोबारियों पर क्या होगा असर?

अगर इन प्रस्तावों को मंजूरी मिलती है तो कारोबारियों के लिए जीएसटी अनुपालन की प्रक्रिया सरल हो सकती है। खासतौर पर पंजीकरण, रिटर्न, आईटीसी और रिफंड से जुड़े नियमों में बदलाव से अनुपालन का बोझ कम होने की उम्मीद है। हालांकि, अंतिम तस्वीर जीएसटी काउंसिल के फैसले के बाद ही स्पष्ट होगी।


RELATED ARTICLES

ई-पेपर

4 October to 10 October 2026
27 SEPTEMBER TO 3 OCTOBER 2026

शासकीय निविदाएं

विज्ञापन