हादसा शनिवार और रविवार की दरमियानी रात करीब डेढ़ बजे हुआ। दुर्घटना के बाद घटनास्थल पर चीख-पुकार मच गई। स्थानीय लोगों और पुलिस ने राहत-बचाव अभियान चलाकर घायलों को अस्पताल पहुंचाया। ट्रक की टक्कर से मंदिर की बाहरी दीवार और प्रवेश द्वार को भी नुकसान पहुंचा।
बैरिकेड तोड़कर ढलान पर उतरा ट्रक, श्रद्धालुओं को रौंदा
पुलिस के मुताबिक, नवरात्रि के दौरान शीतला माता मंदिर में दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे थे। चीनौर की ओर से आने वाले मार्ग पर तेज ढलान है और वहां भारी वाहनों की आवाजाही प्रतिबंधित है। इसके बावजूद धान से भरा ट्रक बैरिकेड तोड़कर आगे निकल गया।
ग्वालियर के एसएसपी धर्मवीर सिंह के अनुसार, ट्रक चालक ने वाहन से नियंत्रण खो दिया। इसके बाद ट्रक ढलान से नीचे उतरते हुए सड़क पर मौजूद श्रद्धालुओं और दुकानों को कुचलता चला गया। अंत में ट्रक मंदिर की बाहरी दीवार और प्रवेश द्वार से टकरा गया। हादसे के दौरान ड्यूटी पर तैनात दो पुलिसकर्मी भी घायल हो गए।
चश्मदीद बोला- अचानक आया ट्रक, लोगों को कुचलता चला गया
हादसे के एक चश्मदीद ने बताया कि ट्रक अचानक घटनास्थल पर पहुंचा और लोगों को कुचलते हुए आगे बढ़ गया। उसकी चपेट में कई दुकानें भी आ गईं। चश्मदीद के मुताबिक, ट्रक में जरूरत से ज्यादा सामान भरा हुआ था। दुर्घटना में उसका भाई भी घायल हुआ है।
हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोग मलबे में फंसे लोगों को निकालने और घायलों की मदद करने में जुट गए। पुलिस और प्रशासन की टीमों ने एंबुलेंस की मदद से घायलों को अलग-अलग अस्पतालों में पहुंचाया।
ट्रक की तकनीकी जांच के निर्देश, आरटीओ की टीम जुटी
ग्वालियर की कलेक्टर रुचिका चौहान ने हादसे की जांच के निर्देश दिए हैं। उन्होंने बताया कि नवरात्रि के मद्देनजर मार्ग पर स्टॉपर और पुलिस चेक-पॉइंट लगाए गए थे। ऐसे में जांच की जा रही है कि ट्रक प्रतिबंधित मार्ग पर कैसे पहुंचा और बैरिकेड तोड़कर आगे कैसे निकल गया।
ट्रक की तकनीकी स्थिति की जांच के लिए क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (आरटीओ) की टीम को भी मौके पर भेजा गया है। जांच में यह पता लगाया जाएगा कि वाहन में कोई तकनीकी खराबी थी या नहीं और ट्रक लगातार बाईं ओर क्यों मुड़ता चला गया। पुलिस भी दुर्घटना के कारणों की पड़ताल कर रही है।
अस्पतालों में घायलों का उपचार जारी
कलेक्टर रुचिका चौहान के मुताबिक, अस्पतालों में भर्ती घायलों के इलाज पर प्रशासन लगातार नजर रख रहा है। डॉक्टर घायलों की स्थिति के अनुसार सीटी स्कैन और एक्स-रे सहित आवश्यक जांच कर रहे हैं, ताकि चोटों की गंभीरता का आकलन कर उचित उपचार दिया जा सके। प्रशासन के अनुसार, हादसे के कारणों और जिम्मेदारियों का खुलासा जांच पूरी होने के बाद होगा।

