मध्यप्रदेश के बाद छत्तीसगढ़ में भी हार्डकोर इनामी नक्सलियों का सरेंडर
रायपुर। सीसी मेंबर रामधेर ने अपने 11 साथियों के साथ आतंक का रास्ता छोड़कर मुख्यधारा से जुड़ने का मन बनाते हुए आत्मसमर्पण किया है। बतादें कि इन नक्सलवादियों का तीन राज्यों में नक्सली नेटवर्क फैला हुआ था, इस आत्मसमर्पण के बाद तीन राज्यों में माओवाद के अभियान को झटका लगेगा। सूत्रों से मिल रही सूचना के अनुसार एक करोड़ का एमएमसी का मेंबर रहा इनामी नक्सली रामधेर भी मुख्यमंत्री विष्णुदेव साह के समक्ष सरेंडर करने की अधिकारिक घोषणा करेगा।
उल्लेखनीय है कि मध्यप्रदेश के बालाघाट में 10 नक्सलियों द्वारा मुख्यमंत्री मोहन यादव के समक्ष सरेंडर किया था। अब खैरागढ़. छत्तीसगढ़ के खैरागढ़ जिले में नक्सल मोर्चे पर बड़ी सफलता दर्ज करते हुए सीपीआई (माओवादी) के शीर्ष नेता और केंद्रीय समिति सदस्य रामधेर मज्जी ने अपने 11 साथियों के साथ आत्मसमर्पण कर दिया। बताया जा रहा है कि तीन राज्य मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र के क्षेत्र में नक्सल गतिविधियों को अंजाम दे रहे इन नक्सलियों पर सैन्य गतिविधियों का भारी दबाव था। परिणामस्वरूप यह सरेंडर आज सुबह गांव कुम्ही, थाना बकर कट्टा में किया गया, जहां सभी कैडरों ने हथियार नीचे रखकर पुलिस के सामने खुद को समर्पित किया।
लाल अंतक पर सेना के बढ़ते दबाव का असर
सुरक्षा एजेंसियां नक्सली ढांचे पर सेना के निर्णायक प्रहार के चलते इस तरह के परिणाम सामने आ रहे हैं। दरअसल, यह पूरा समूह महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ स्पेशल जोनल कमेटी का सक्रिय हिस्सा था, जो तीन राज्यों के छह जिलों में अपनी पैठ बनाए हुए था।
मध्यप्रदेश डीजीप का बयान
डीजीपी मकवाना का बड़ा बयान सामने आ रहा है, उन्होंने छत्तसीगढ़ के खैरागढ़ में किए गए 12 नक्सलियों में एक करोड़ के इनामी रामधेव का आत्मसमर्पण करने पर नेटवर्क पूर्ण रूप से ध्वस्त हो गया है; उनका मानना है कि शेष बचे नक्सली भी शीघ्र ही आत्मसमर्पण कर देंगे। इसमें पुनर्वास नीति का अहम योगदान रहा है।
इन नक्सलियों ने डाले हथियार
रामधेर मज्जी, चंदू उसेंडी, ललिता, जानकी और प्रेम ने भी सरेंडर किया, जिनमें से दो के पास एके-47 और इंसास जैसे हथियार मौजूद थे। इनके अलावा नक्सली रामसिंह दादा और सुकेश पोट्टम ने भी हथियार डाले, जबकि क्षेत्रीय महिला मिलिशिया की लक्ष्मी, शीला, योगिता, कविता और सागर ने पुलिस के सामने समर्पण कर दिया।
निष्क्रीय हुआ नक्सली नेटवर्क
खेरागढ़ में किए गए रामधेर के आत्मसमर्पण से स्पेशल जोन को लगभग निष्क्रीय हो गया। बतादें कि इससे पूर्व अनंत गोंदिया में आत्मसमर्पण कर चुका था, जबकि बीते एक दिन में ही बालाघाट में सुरेंद्र सहित नौ अन्य माओवादी हथियार डाल चुके हैं। लगातार हो रही ये आत्मसर्पण से नक्सल संगठन की जमीनी पकड़ तेजी से कमजोर हुई है और सुरक्षा बलों की रणनीति पर मोहर लग रही है।
हार्डकोर नक्सली रामधेर और 11 अन्य ने किया आत्मसमर्पण, तीन राज्यों में नक्सली नेटवर्क को लगा करारा झटका
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