मुंबई: देश के सबसे बड़े निजी क्षेत्र के बैंक HDFC बैंक ने वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही के वित्तीय नतीजे जारी कर दिए हैं। जुलाई से सितंबर के बीच बैंक का शुद्ध मुनाफा पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 4.7 प्रतिशत बढ़कर 19,510 करोड़ रुपये पहुंच गया है। बैंक की ब्याज से होने वाली कमाई में भी अच्छी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इसके साथ ही बैंक में जमा राशि और ग्राहकों को दिए गए कर्ज में भी दोहरे अंक की वृद्धि हुई है।
बैंक के नतीजे बाजार के अनुमानों के काफी करीब रहे हैं। विशेषज्ञों ने मुनाफा लगभग 19,567 करोड़ रुपये रहने की उम्मीद जताई थी। हालांकि बैंक के शेयर में इस साल अब तक बड़ी गिरावट देखने को मिली है।
ब्याज से कमाई बढ़ी, फंसे हुए कर्ज में आई कमी
सितंबर तिमाही में HDFC बैंक की नेट इंटरेस्ट इनकम यानी ब्याज से होने वाली कमाई 9.7 फीसदी बढ़कर 34,619 करोड़ रुपये हो गई। ये आंकड़ा दिखाता है कि बैंक का मुख्य कारोबार मजबूत स्थिति में है। बैंक का नेट इंटरेस्ट मार्जिन कुल संपत्तियों के हिसाब से 3.16 फीसदी रहा, जबकि ब्याज कमाने वाली संपत्तियों के आधार पर ये 3.32 फीसदी रहा।
बैंक के लिए अच्छी बात ये रही कि उसके फंसे हुए कर्ज में कमी आई है। सितंबर के अंत तक ग्रॉस NPA घटकर 1.11 फीसदी रह गया, जो जून तिमाही में 1.17 फीसदी और पिछले साल सितंबर में 1.24 फीसदी था। नेट NPA भी घटकर 0.37 फीसदी रह गया। इसका मतलब ये है कि बैंक के कुल लोन में उन कर्जों का हिस्सा कम हुआ है, जिनकी किस्तें टाइम पर नहीं आ रही थीं।
जमा राशि 18.8% बढ़ी, कारोबार में दिखी मजबूती
HDFC बैंक के लोन और डिपॉजिट कारोबार में भी अच्छी ग्रोथ देखने को मिली है। सितंबर 2026 के अंत तक बैंक का कुल एडवांस 16.3 फीसदी बढ़कर 32.19 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया। रिटेल लोन में 11.7 फीसदी, छोटे और मीडियम कारोबारियों को दिए गए कर्ज में 23.5 फीसदी और कॉर्पोरेट लोन में 16.4 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है।
वहीं बैंक की कुल जमा राशि भी 18.8 फीसदी बढ़कर 33.27 लाख करोड़ रुपये हो गई। सेविंग्स और करंट अकाउंट में जमा पैसा भी 10.8 फीसदी बढ़ा है। बैंक का कुल नेट रेवेन्यू बढ़कर 48,450 करोड़ रुपये हो गया, जो पिछले साल इसी समय 45,900 करोड़ रुपये था। हालांकि बैंक का खर्च भी बढ़कर 18,970 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है।
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बड़े अधिकारी का इस्तीफा, शेयर में गिरावट बनी चिंता
वित्तीय नतीजों के साथ बैंक के मैनेजमेंट में भी बड़ा बदलाव सामने आया है। डिप्टी मैनेजिंग डायरेक्टर कैजाद भरूचा ने तीन दशक से ज्यादा समय तक बैंक में काम करने के बाद इस्तीफा दे दिया है। वह 31 दिसंबर 2026 को अपना पद छोड़ेंगे।
इसके अलावा अनूप बागची के 27 अक्टूबर को बैंक के नए मैनेजिंग डायरेक्टर और सीईओ का पद संभालने की जानकारी सामने आई है। शेयर बाजार में बैंक का प्रदर्शन इस साल कमजोर रहा है। शुक्रवार को HDFC बैंक का शेयर 728.85 रुपये पर बंद हुआ था। साल 2026 में अब तक इसमें करीब 26.5 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है।

