Thursday, November 5, 2026
Contact: +91 97559 93555
Email: tathyawani@gmail.com
spot_img
Hometrending newsस्कूली वाहनों में ओवरलोडिंग पर हाईकोर्ट सख्त, कहा- बच्चों को भूसे की...

स्कूली वाहनों में ओवरलोडिंग पर हाईकोर्ट सख्त, कहा- बच्चों को भूसे की तरह ठूंसना बंद करें

ग्वालियर: हाईकोर्ट ने स्कूली वाहनों में बच्चों की ओवरलोडिंग को लेकर सख्त नाराजगी जताई है। कोर्ट ने कहा कि बच्चों को भूसे की तरह वाहनों में ठूंसकर ले जाया जा रहा है। प्रशासन सिर्फ कागजों में कार्रवाई न दिखाए, बल्कि उसका असर सड़कों पर भी नजर आना चाहिए। ग्वालियर हाईकोर्ट की सिंगल बेंच ने प्रशासन की एक्शन टेकन रिपोर्ट पर असंतोष जताते हुए कहा कि स्कूली बच्चों की सुरक्षा के मामले में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जा सकती। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि नियमों का पालन केवल सरकारी दस्तावेजों तक सीमित न रहे, बल्कि सड़कों पर भी प्रभावी कार्रवाई दिखाई दे।

प्रशासन को जगाना कोर्ट का काम नहीं है

कोर्ट ने इस बात पर भी कड़ा ऐतराज जताया कि वर्ष 2017 के आदेश के तहत नियमित स्टेटस रिपोर्ट पेश की जानी थी, लेकिन 2019 के बाद से कोई रिपोर्ट दाखिल ही नहीं की गई। अदालत ने चेतावनी दी कि प्रशासन को जगाना कोर्ट का काम नहीं है, यदि अधिकारी सतत पालन का शपथ-पत्र पेश नहीं करते, तो यह सीधे तौर पर अवमानना का मामला बनता है।

कोर्ट में पेश की गई एक्शन रिपोर्ट

अवधेश सिंह भदौरिया द्वारा दायर अवमानना याचिका की सुनवाई के दौरान आरटीओ और पुलिस प्रशासन की ओर से स्टेटस रिपोर्ट पेश की गई, जिसमें यह बताया गया है।

190 लाइसेंस सस्पेंड: नियमों का उल्लंघन करने वाले 190 चालकों के ड्राइविंग लाइसेंस निलंबित किए गए हैं।

अक्टूबर में चालानी कार्रवाई: परिवहन विभाग और पुलिस के संयुक्त अभियान में क्षमता से अधिक बच्चे बैठाने, बिना परमिट, बिना फिटनेस और बीमा के दौड़ रहे 87 वाहनों के चालान काटे गए। इससे पहले भी 83 और 38 चालान बनाए जा चुके हैं।

फिटनेस स्टेशन को निर्देश: चारों ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशनों को सख्त हिदायत दी गई है कि जिस ऑटो में अतिरिक्त सीट या फट्टी लगी हो, उसे फिटनेस सर्टिफिकेट न दिया जाए। ऐसे वाहनों को ब्लैकलिस्ट भी किया जा रहा है।

प्रभारी SP ने कहा- जमीनी सुधार दिखेगा

सुनवाई के दौरान ग्वालियर के प्रभारी पुलिस अधीक्षक ने अदालत के समक्ष अपना पक्ष रखते हुए कहा कि उन्होंने हाल ही में पदभार संभाला है। उन्होंने कोर्ट से अगली सुनवाई तक का समय मांगते हुए भरोसा दिलाया कि वे इस व्यवस्था की निरंतर निगरानी करेंगे और जमीनी स्तर पर ठोस नतीजे पेश करेंगे।

ये भी पढ़ें: इंदौर को मिलेगा 100 करोड़ का हाईटेक ISBT, 5 राज्यों के लिए चलेंगी 1500 बसें

संभाग के 9 जिलों में बदतर हालात

याचिकाकर्ता अवधेश सिंह भदौरिया ने कोर्ट का ध्यान ग्वालियर संभाग के अन्य जिलों की ओर भी आकर्षित कराया। उन्होंने बताया कि स्कूली वाहनों की यह खतरनाक स्थिति सिर्फ ग्वालियर तक सीमित नहीं है, बल्कि संभाग के अन्य 9 जिलों में भी व्यवस्था बेहद खराब है और प्रशासनिक निगरानी न के बराबर है। अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए संबंधित पक्षों को अपने सुझाव लिखित में प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।

RELATED ARTICLES

ई-पेपर

1 to 7 November 2026
25 to 31 October 2026

शासकीय निविदाएं

विज्ञापन