तेहरान: ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई लंबे समय से सार्वजनिक रूप से दिखाई नहीं दिए हैं। उनके सामने नहीं आने के कारण उनकी सेहत और देश की सत्ता पर नियंत्रण को लेकर कई तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं। इसी बीच ईरान के वरिष्ठ राजनयिक अब्दुल मजीद हकीम इलाही ने दावा किया है कि मोजतबा पूरी तरह स्वस्थ हैं और देश के महत्वपूर्ण फैसलों में लगातार सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।
ईरानी राजनयिक ने बताया कि पिछले सप्ताह मोजतबा खामेनेई ने राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान के साथ करीब सात घंटे लंबी बैठक की थी। इस दौरान देश के महत्वपूर्ण मामलों पर चर्चा हुई। हालांकि इस बैठक की स्वतंत्र पुष्टि सामने नहीं आई है।
सुरक्षा कारणों से नहीं आ रहे सार्वजनिक रूप से सामने
मोजतबा खामेनेई के सार्वजनिक कार्यक्रमों में शामिल नहीं होने को लेकर ईरानी राजनयिक ने सुरक्षा कारणों का हवाला दिया। उन्होंने कहा कि मौजूदा परिस्थितियों में सर्वोच्च नेता का मीडिया और सार्वजनिक कार्यक्रमों से दूरी बनाए रखना जरूरी है।
इलाही के अनुसार मोजतबा नियमित रूप से वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात करते हैं और देश के जरूरी मामलों की जानकारी लेते हैं। उन्होंने दावा किया कि संसद के स्पीकर सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उनसे मिल चुके हैं।
राजनयिक ने यह भी बताया कि उनके कुछ परिचितों ने मोजतबा से मुलाकात की है और उनके अनुसार वह स्वस्थ हैं तथा अपनी जिम्मेदारियां निभा रहे हैं।
पिता के अंतिम संस्कार में शामिल नहीं होने की खबरों को किया खारिज
ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद उनके अंतिम संस्कार में मोजतबा की मौजूदगी को लेकर भी सवाल उठे थे। कई रिपोर्टों में दावा किया गया था कि वह अंतिम संस्कार में शामिल नहीं हुए।
हालांकि ईरानी राजनयिक ने इन दावों को गलत बताया है। उन्होंने कहा कि मोजतबा अपने पिता के अंतिम संस्कार में मौजूद थे, लेकिन सुरक्षा कारणों से उनकी तस्वीरें या वीडियो सार्वजनिक नहीं किए गए।
इलाही ने बताया कि उस समय वह खुद ईरान में मौजूद थे और उन्होंने खामेनेई परिवार के सदस्यों से मुलाकात की थी। उनके अनुसार मोजतबा भी वहां उपस्थित थे।
हमलों के बाद से सार्वजनिक गतिविधियां सीमित
28 फरवरी 2026 को अमेरिका और इजरायल के हवाई हमलों में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत की खबर आई थी। इसके बाद मोजतबा खामेनेई को नया सर्वोच्च नेता बनाया गया।
रिपोर्ट्स के मुताबिक उन हमलों में मोजतबा भी घायल हुए थे। तब से वे ज्यादा सार्वजनिक रूप से नहीं दिखे हैं और उनके ज्यादातर संदेश लिखित बयान के तौर पर ही आए हैं। ईरानी अधिकारियों का कहना है कि सुरक्षा कारणों से सर्वोच्च नेता की गतिविधियां सार्वजनिक नहीं की जा रही हैं।
यह भी पढ़ें: AAP का दिल्ली सरकार पर बड़ा आरोप, ‘किताबों में 40 फीसदी कमीशन खा रही सरकार’
पर्दे के पीछे से महत्वपूर्ण फैसले लेने का दावा
ईरान इस वक्त राजनीतिक, आर्थिक और सुरक्षा संकटों से जूझ रहा है। पश्चिम एशिया में तनाव के बीच देश के नेतृत्व की भूमिका अहम बनी हुई है। ईरानी अधिकारियों का कहना है कि मोजतबा खामेनेई रोज अहम रिपोर्ट लेते हैं और सीनियर अधिकारियों से मिलते हैं। रोजमर्रा के कुछ प्रशासनिक काम टॉप अधिकारियों को दिए गए हैं। लेकिन उनकी असली गतिविधियों और सेहत को लेकर बाहर ज्यादा जानकारी नहीं है।

