भोपाल: केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने आज भोपाल के भेल दशहरा मैदान में आयोजित राज्य स्तरीय गौपालक सम्मेलन और नवीन न्याय संहिताओं पर आधारित प्रदर्शनी का उद्घाटन किया।इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल, उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा, मंत्री विश्वास सारंग,मंत्री कृष्णा गौर और मंत्री एदल सिंह कंसाना मौजूद रहे।
शाह बोले-31 दिसंबर 2029 तक मप्र को नशा मुक्त कर देंगे
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भोपाल में हैं। उन्होंने भेल दशहरा मैदान में नए आपराधिक कानूनों पर लगी मध्य प्रदेश पुलिस की प्रदर्शनी का उद्घाटन किया।
शाह ने कहा- अंग्रेजों के बनाए कानून अपनी सरकार को प्रशासन को बचाने के लिए थे। अब जो कानून आए हैं वो भारत के नागरिकों के सम्मान, संपत्ति और शरीर की रक्षा करने के लिए है। इसका मूल मंत्र न्याय है दंड नहीं।
उन्होंने कहा- मध्य प्रदेश को नशामुक्त करेंगे। यहां हर माता से कहने आया हूं, 31 दिसंबर 2029 के बाद आपके बेटे बेटी के लिए मध्य प्रदेश में नशे की जगह नहीं होगी।
गोशालाओं को 101 करोड़ दिए
इससे पहले शाह ने 11 जिलों के करीब 35 हजार गोपालकों के सम्मेलन में गोशालाओं को 101 करोड़ दिए। उज्जैन में बन रहे 255 करोड़ के डेयरी प्लांट का वर्चुअली भूमिपूजन किया। उन्होंने भोपाल की लखपति गोपालक दीदी शशि बाई समेत पांच लखपति दीदियों को सम्मानित किया। डॉ. भीमराव अंबेडकर कामधेनु योजना के दो स्वीकृति पत्र दिए गए।
किसानों की आय बढ़ाने के लिए पशुपालन मुख्य जरिया
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गोपालक सम्मेलन में राज्य में किसानों की आय बढ़ाने के लिए सहकारिता और पशुपालन को मुख्य जरिया बताया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 80 लाख समृद्ध पशुपालकों का एक विशाल परिवार है और सरकार इस पूरे वर्ष को किसान कल्याण वर्ष’ के रूप में मनाते हुए किसानों की समृद्धि के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। बलराम कृषि महोत्सव, कृषि यंत्रों की प्रदर्शनी और सीधे संवाद के माध्यम से किसानों की तरक्की की रूपरेखा तैयार की जा रही है।
प्रतिदिन 2 करोड़ लीटर से अधिक का दूध उत्पादन
मुख्यमंत्री ने कहा कि आदिकाल से ही किसान का नाम आते ही अन्न उत्पादन का भाव मन में आता है, लेकिन किसी किसान के लिए आय का सबसे बड़ा और टिकाऊ जरिया दूध उत्पादन है। वर्तमान में मध्य प्रदेश में प्रतिदिन 2 करोड़ लीटर से अधिक दूध का उत्पादन हो रहा है, जिससे राज्य पूरे देश में दूध उत्पादन के मामले में तीसरे स्थान पर है। सरकार संगठित, असंगठित और सहकारिता क्षेत्रों को जोड़कर किसानों की कमाई बढ़ाने पर केंद्रित है।
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313 विकासखंडों में बनेंगे ‘वृंदावन गांव’
राज्य में वर्तमान में 2 लाख से अधिक गोपालक परिवार पशुपालन के जरिए अपना जीवन स्तर सुधार रहे हैं। सरकार अब राज्य के सभी 313 विकासखंडों में ‘वृंदावन गांव’ विकसित करने की दिशा में काम कर रही है। इन गांवों में प्राकृतिक खेती के साथ-साथ पशुपालन को भी बढ़ावा दिया जाएगा, जिससे किसान सीधे प्रकृति से जुड़कर अपनी आय में भारी इजाफा कर सकेंगे।

