पुडुचेरी: भारत-ए ने ऑस्ट्रेलिया-ए के खिलाफ तीसरे और आखिरी वनडे मुकाबले में शानदार वापसी करते हुए 49 रन से जीत दर्ज की। पुडुचेरी में खेले गए इस मुकाबले में भारतीय टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 275 रन बनाए थे। जवाब में ऑस्ट्रेलियाई टीम अच्छी शुरुआत के बावजूद 226 रन पर सिमट गई। मैच में एक समय ऑस्ट्रेलिया की जीत लगभग तय नजर आ रही थी, लेकिन भारतीय गेंदबाजों ने लगातार विकेट लेकर पूरा मुकाबला पलट दिया। हालांकि, पहले दो मुकाबले जीतने के कारण ऑस्ट्रेलिया-ए ने तीन मैचों की सीरीज 2-1 से अपने नाम कर ली।
सूर्यांश शेडगे ने संभाली भारत की पारी
पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम की शुरुआत अच्छी रही, लेकिन बीच के ओवरों में लगातार विकेट गिरने से टीम दबाव में आ गई। प्रियांश आर्या ने 45 गेंदों पर 49 रन बनाए, जबकि प्रभसिमरन सिंह ने 34 गेंदों में 39 रन की पारी खेली। कप्तान ऋतुराज गायकवाड़ ने 33 रन का योगदान दिया।
इसके बाद सूर्यांश शेडगे और विप्रज निगम ने भारतीय पारी को संभाला। शेडगे ने 60 गेंदों में 66 रन बनाए, जबकि विप्रज निगम ने 44 गेंदों पर 40 रन की उपयोगी पारी खेली। इन दोनों की बल्लेबाजी की बदौलत भारत 47.3 ओवर में 275 रन तक पहुंच सका।
177 रन पर सिर्फ 3 विकेट, फिर पलट गया मैच
276 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी ऑस्ट्रेलियाई टीम ने मजबूत शुरुआत की। जोश फिलिप और लियाम स्कॉट ने पहले विकेट के लिए 82 रन जोड़े। स्कॉट 26 रन बनाकर आउट हुए, जबकि फिलिप ने 48 गेंदों पर 56 रन बनाए।
इसके बाद लाचलान शॉ ने 31 और नाथन मैकस्वीनी ने 39 रन बनाए। ऑस्ट्रेलिया का स्कोर एक समय 3 विकेट पर 177 रन था। यहां से टीम को जीत के लिए सिर्फ 99 रन की जरूरत थी और उसके सात विकेट बाकी थे।
लेकिन इसके बाद भारतीय गेंदबाजों ने मुकाबले का रुख बदल दिया। ऑस्ट्रेलिया ने अपने आखिरी सात विकेट सिर्फ 49 रन जोड़कर गंवा दिए और पूरी टीम 46.2 ओवर में 226 रन पर ऑलआउट हो गई।
गुरजपनीत ने झटके 3 विकेट
भारतीय गेंदबाजी में गुरजपनीत सिंह सबसे सफल रहे। उन्होंने 56 रन देकर तीन विकेट लिए। वहीं यश ठाकुर और निशांत सिंधु ने दो-दो विकेट हासिल किए। गेंदबाजों के लगातार दबाव बनाने से ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज बड़ी साझेदारी नहीं कर सके।
निखिल चौधरी 29 रन बनाकर रन आउट हुए, जबकि मिचेल ओवेन 20 रन बनाकर गुरजपनीत सिंह का शिकार बने। इसके बाद निचले क्रम के बल्लेबाज भी ज्यादा देर नहीं टिक सके।
सीरीज गंवाई, लेकिन आखिरी मैच में बचाई लाज
भारत-ए के लिए यह जीत इसलिए भी महत्वपूर्ण रही क्योंकि टीम पहले दोनों वनडे मुकाबले हार चुकी थी। तीसरे मैच में भी ऑस्ट्रेलिया मजबूत स्थिति में था, लेकिन भारतीय खिलाड़ियों ने हार नहीं मानी और गेंदबाजी के दम पर जीत हासिल की।
ऑस्ट्रेलिया-ए ने भले ही सीरीज 2-1 से जीत ली हो, लेकिन आखिरी मुकाबले में भारतीय टीम ने शानदार प्रदर्शन कर सीरीज का अंत जीत के साथ किया। खासतौर पर सूर्यांश शेड्गे की बल्लेबाजी और गुरजपनीत सिंह की गेंदबाजी भारत की जीत में अहम रही।

